नजूल भूमि पर मकान बनाकर रह रहे पात्र लोगों को सरकार मालिकाना हक देगी, सर्वे जारी

जगदलपुर । बस्तर संभाग के नजूल भूमि पर सालों से झोपड़ी या मकान बनाकर रह रहे पात्र लोगों को सरकार मालिकाना हक देने की तैयारी में है। राजस्व विभाग ने सर्वे अभियान तेज किया है। 15 अगस्त तक रिपोर्ट शासन को भेजनी है। जगदलपुर नगर निगम में करीब 6 हजार परिवारों का सर्वे हो चुका है। बस्तर नगर पंचायत में 184 परिवारों का सर्वे किया गया है। सर्वे के आधार पर पात्र हितग्राहियों की पहचान होगी। इसके बाद जमीन का स्वामित्व देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। राजस्व विभाग की टीम शहरी इलाकों में घर-घर सर्वे कर रही है। टीम में एसडीएम, तहसीलदार, आरआई, पटवारी शामिल हैं। सर्वे में देखा जा रहा है कि व्यक्ति कब से नजूल भूमि पर रह रहा है, उसकी आय कितनी है। नगरीय निकाय में जलकर और संपत्ति कर का नियमित भुगतान हो रहा है या नहीं।
बस्तर संभाग के एक नगर निगम, पांच नगर परिषद, छह नगर पंचायतों में ऐसे हजारों परिवार हैं। ये परिवार सालों से सरकारी नजूल भूमि पर रह रहे हैं। सरकार ने मालिकाना हक के लिए पात्रता तय की है। नगर निगम क्षेत्र में अधिकतम 600 वर्गफीट तक भूमि का स्वामित्व मिलेगा। नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में 800 वर्गफीट तक स्वामित्व दिया जाएगा। योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा, जिनका कब्जा अगस्त 2017 या उससे पहले से है। प्रशासन का मानना है कि इससे पुराने रहवासियों को स्थायी अधिकार मिलेगा। नए अतिक्रमणों पर रोक लगेगी। सर्वे पूरा होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसी आधार पर पात्र परिवारों को मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू होगी। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी







