आबंटन के अभाव में निगम की दुकाने हुई जर्जर
राजनांदगांव। दस साल पहले बने दुकान आबंटन के अभाव में जर्जर हो गया है। बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए नगरनिगम द्वारा बनाई दुकान आबंटन के अभाव में जर्जर हो गई हैं। करोड़ों के निर्माण से निगम को राजस्व नही मिला, वही जरूरतमंद द्वारा आवेदन दिए जाने के बाद भी अब तक आबंटन नहीं किया गया है। निगम ने शहर में सवा सौ से अधिक दुकानों का निर्माण किया था । जिसका आबंटन अब तक नहीं हुआ है। अब इन जर्जर दुकानों को देख लोगों का गुस्सा भी फूटने लगा है।
हाईटेक बस स्टैंड सहित इन इलाको में जर्जर हो रही दुकाने द्वारा हाईटेक बस स्टैंड वार्ड सोलह में 38 दुकाने बनाई गई है। यहां पांच करोड़ की लागत से हाईटेक बस स्टैंड का निर्माण वर्ष 2016 में किया गया है। इसके आलावा रेलवे स्टेशन रोड़ पुराना सफाई कार्यालय में 19 दुकाने, नया बस स्टैंड में ही दूसरी ओर प्रतीक्षा स्टैंड में 27 दुकान, टांकाघर के सामने वार्ड सुभाष नगर के पास 12 दुकान, गंज चौक 14 में 50 दुकान के पास 46 दुकान, बसंतपुर थाने के पीछे भैसा कोठा में 17 और महावीर चौक हाईवे किनारे 12 दुकाने बनी है। अब तक कई दुकानों का आवंटन नहीं हुआ है। करोड़ों रूपए की लागत से बने नया बस स्टैंड मवेशियों का तबेला बन गया हैं। नियमतः नीलामी के बाद निश्चित तिथि में अनुबंध करने की शर्त रहती है। अगर निर्धारित समय पर बोलीकर्ता अनुबंध नहीं करे तो अचल संपत्ति अंचरण नियम 1994 के तहत आबंटन निरस्त कर अमानत राशि राजसात करने का प्रावधान है। लेकिन निगम जिन दुकानों का आबंटन हो चुका उनसे किराए लेने सक्ती नहीं दिखा रही है। 122 दुकाने अब तक नीलाम नही की गई है। उस पर भी निगम गंभीर नहीं है।




