समाज कल्याण योजनाओं से नशामुक्ति, योग, दिव्यांग सहायता और पेंशन योजनाओं से हजारों लोगों को मिल रहा लाभ

रायपुर। बीजापुर जिले में समाज कल्याण विभाग और विभिन्न संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से नशामुक्ति, योग, दिव्यांग पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के जरिए लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। इन योजनाओं से जिले के हजारों हितग्राहियों को सीधा लाभ मिल रहा है।
नशामुक्ति केंद्र से 112 लोगों को मिली नई जिंदगी
जिले में गुण्डाधुर सेवा संस्थान समिति द्वारा 12 दिसंबर 2024 से नशामुक्ति केंद्र संचालित किया जा रहा है। यहां नशे की लत से पीडि़त लोगों का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों और काउंसलर्स की देखरेख में किया जा रहा है। योग, ध्यान, थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श और चिकित्सा उपचार के माध्यम से अब तक 112 लोगों को नशे की लत से मुक्ति दिलाई जा चुकी है।
योग से बढ़ रही जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली
छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा जिले के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में लगातार योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षित युवाओं को ग्राम पंचायतों, आश्रम-शालाओं और छात्रावासों में योग प्रशिक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। स्कूलों और छात्रावासों में बच्चों को नियमित योगाभ्यास कराया जा रहा है, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास में सुधार हो रहा है।
दिव्यांगजनों को मिल रहे सहायक उपकरण
समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले में 13 ट्रायसायकल, 11 बैटरी चलित ट्रायसायकल, 26 व्हील चेयर, 251 बैशाखियां, 185 वॉकिंग स्टिक, 135 श्रवण यंत्र और 8 ब्रेल केन वितरित किए गए हैं।
विशेष विद्यालय और पुनर्वास केंद्र से बच्चों को लाभ
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित बौद्धिक मंद बालक विशेष विद्यालय बीजापुर में 18 छात्र आवासीय शिक्षण-प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। समर्थ जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को समावेशी शिक्षा, फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी और मनोवैज्ञानिक परामर्श जैसी सुविधाएं नि:शुल्क प्रदान की जा रही हैं। बच्चों को पौष्टिक भोजन और नाश्ता भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
12 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिल रही पेंशन
सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत जिले में 12 हजार 379 हितग्राही विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। वृद्धजन, दिव्यांगजन, विधवा और परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह 500 रुपये की पेंशन राशि दी जा रही है, जिससे उन्हें दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिल रही है।
थर्ड जेंडर और यूडीआईडी कार्ड पर भी कार्य जारी
जिले में 13 थर्ड जेंडर हितग्राही चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 5 लोगों के पहचान पत्र बनाए जा चुके हैं, जबकि शेष की प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2025-26 में 176 दिव्यांगता प्रमाण पत्र और 79 यूडीआईडी कार्ड जारी किए गए हैं।
दिव्यांग विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति से प्रोत्साहन
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के 839 दिव्यांग छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। इससे उनकी शिक्षा को प्रोत्साहन मिल रहा है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
जनकल्याण योजनाओं से मजबूत हो रहा सामाजिक विकास
समाज कल्याण विभाग की इन योजनाओं से बीजापुर जिले में सामाजिक सुरक्षा और समावेशी विकास को नई मजबूती मिल रही है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।







