ChhattisgarhPoliticsRegion

नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई, गर्भगृह में पहुंचने वाले कांग्रेस के 34 विधायक निलंबित

Share

रायपुर। नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर बुधवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ और कांग्रेस ने इस मुद्दे पर काम रोको (स्थगन) प्रस्ताव लाकर तत्काल चर्चा की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सरकार का पक्ष सुनने के बाद प्रस्ताव अग्राह्य कर दिया। इसके विरोध में कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंच गए, जिसके बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कांग्रेस के सभी 34 विधायकों को सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया गया।
प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि नकटी गांव में 29 और 30 जून को बुलडोजर चलाकर 85 गरीब परिवारों के मकान तोड़ दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें कई मकान प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत बने थे, जहां बिजली, पेयजल और सड़क जैसी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध थीं।
काम रोको प्रस्ताव में कहा गया कि सरकार की कार्रवाई अन्यायपूर्ण, असंवैधानिक और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। इससे प्रभावित परिवारों के मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। कांग्रेस सदस्यों ने आरोप लगाया कि मकानों के साथ घरेलू सामान, बच्चों की किताबें, राशन और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी नष्ट हो गईं। साथ ही, क्षेत्रीय सांसद द्वारा वर्षा ऋतु में मकान नहीं तोडऩे और पहले पुनर्वास करने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद उसका पालन नहीं किया गया। प्रभावित परिवारों को सेक्टर-30, नवा रायपुर में दिए जा रहे वैकल्पिक आवास छोटे हैं और वहां बिजली, पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने आरोप लगाया कि विधायक कॉलोनी के लिए गरीबों के मकान तोड़े गए। इस पर भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर ने कहा कि यदि विधायक कॉलोनी निर्माण से संबंधित कोई दस्तावेज है तो उसे सदन के पटल पर रखा जाना चाहिए। जवाब में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि पूरी कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक और नियमानुसार की गई है। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण की शिकायत मिलने पर अतिरिक्त तहसीलदार ने जांच की थी। जांच में अवैध कब्जा पाए जाने के बाद वर्ष 2025 में बेदखली का आदेश पारित किया गया और उसके बाद 28 जून को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
राजस्व मंत्री ने कहा कि कब्जाधारियों को कार्रवाई से पहले अपना सामान हटाने का पर्याप्त समय दिया गया था। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए सेक्टर-30, नवा रायपुर में फ्लैट उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के घरेलू सामान को नुकसान नहीं पहुंचाया गया और यह कहना भी सही नहीं है कि कार्रवाई बारिश के दौरान की गई।
राजस्व मंत्री का जवाब सुनने के बाद स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने काम रोको प्रस्ताव को अग्राह्य घोषित कर दिया। इससे नाराज कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंच गए। विधानसभा नियमों के तहत गर्भगृह में प्रवेश करने पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कांग्रेस के सभी 34 विधायक स्वत: निलंबित हो गए।

GLIBS WhatsApp Group
Show More
Back to top button