शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर लोक आयोग को गुमराह करने का आरोप

रायपुर। सामाजिक कार्यकर्ता एवं उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़, बिलासपुर में लंबित WPPIL No. 22/2016 के इंटरवेनर विकास तिवारी ने आज छत्तीसगढ़ लोक आयोग में स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध विस्तृत शिकायत प्रस्तुत की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लोक आयोग में शिकायत प्रकरण क्रमांक 34/2024 के निराकरण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने उच्च न्यायालय में लंबित जनहित याचिका तथा उसमें पारित महत्वपूर्ण न्यायिक आदेशों की जानकारी आयोग से छिपाई। शिकायत के अनुसार, यदि आयोग के समक्ष संपूर्ण न्यायिक पृष्ठभूमि प्रस्तुत की जाती, तो आयोग विभागीय प्रतिवेदन का स्वतंत्र परीक्षण कर सकता था।
शिकायत में विशेष रूप से उच्च न्यायालय के 11.07.2025, 05.08.2025, 17.09.2025 एवं 20.07.2026 के आदेशों का उल्लेख किया गया है। 20 जुलाई 2026 के आदेश में यह भी दर्ज है कि इंटरवेनर तिवारी ने न्यायालय का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि RTE Act, 2009 की धारा 18 के बावजूद राज्य में कुछ बिना पंजीयन/बिना मान्यता वाले विद्यालय संचालित हो रहे हैं, तथा न्यायालय के समक्ष लोक आयोग के 30.06.2026 के आदेश का भी उल्लेख किया गया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि उच्च न्यायालय पूर्व से ही इस विषय की सुनवाई कर रहे है और प्राइवेट स्कूल संचालकों द्वारा अवैध स्कूल संचालन पर कड़ी टिप्पणी भी कर चुके है छत्तीसगढ़ राज्य में पिछले पंद्रह सालों से संचालित अवैध/बिना मान्यता पिछले पंद्रह सालों से संचालित स्कूल संचालकों पर कार्यवाही करने के आदेश जारी किए गए है जिसका अनुपालन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा नहीं किया गया है.
शिकायत में सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, उप सचिव, संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, जिला शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों के विरुद्ध जांच की मांग करते हुए यह अनुरोध किया गया है कि यह जांच की जाए कि क्या लोक आयोग के समक्ष अपूर्ण अथवा भ्रामक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया तथा क्या बिना मान्यता संचालित विद्यालयों को संरक्षण प्रदान किया गया।
शिकायतकर्ता ने लोक आयोग से अनुरोध किया है कि संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विस्तृत जांच कराई जाए, उच्च न्यायालय के सभी संबंधित आदेशों का परीक्षण किया जाए तथा यदि तथ्यों को जानबूझकर छिपाया जाना सिद्ध हो, तो प्रचलित कानून एवं सेवा नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए।






