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पुलिस की चालानी कार्यवाही जनता को परेशान कर रही – बैज

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रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारो से चर्चा करते हुये सरकार को विभिन्न मुद्दो पर घेरा। उन्होंने रायपुर पुलिस की चालानी कार्यवाही, विधानसभा के विशेष सत्र, प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती तथा प्रदेश की बदतर कानून व्यवस्था पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
बैज ने कहा कि रायपुर पुलिस कमिश्नरी के द्वारा जो जबरिया चालान लोगो को भेजे जा रहे है, वह अत्याचार है। बिना स्टापलाईन, जेब्रा क्रॉसिंग पार किये, जबरिया चालान भेजा जा रहा है। आप रोड के किनारे सब्जी ले रहे चालान आ जायेगा। यातायात के संकेतक मिट गये है और पुलिस उसके उल्लंघन पर कार्यवाही कर रही है। पुलिस अपराध नियंत्रण का अपना मूल काम भूल गयी है। कमिश्नरी प्रणाली जनता को परेशान करने लागू की गयी है क्या? चाकूबाजी, लूट, हत्या, बलात्कार की घटनाएं तो रुक नहीं रही है। जनता जितना अपराधों से परेशान थी उतना अब पुलिस के चालान से परेशान है। पुलिस वसूली मास्टर बन चुकी है। पुलिस ने चालानी कार्यवाही बंद नहीं किया तो सड़क पर उतरकर विरोध किया जायेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राजधानी के सभी चौराहे पर बनाई गई स्टॉप लाइन मिट गई है, जेब्रा क्रासिंग मिट गयी है पुलिस अंदाजन लोगों को लाइन क्रास करने के नाम पर चालान भेज रही है। चालान नहीं पटाने पर गाड़ियां घर से उठाये जाने की धमकी दी जा रही, गाड़ियां घरों से उठाई जा रही है। रायपुर कमिश्नरी की पुलिस से राजधानी वासी खौफ खाने लगे है। पुलिस व्यवस्था बनाने नहीं वसूली करने चालान भेज रही है, पुलिस का रवैया आपत्तिजनक है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था बदतर हो चुकी है। बदमाश, आम आदमी के घरों में घुस कर गोली मार रहे है। हत्या कर हत्यारें कटे सर को लेकर खुल्ला घूमते हैं। प्रदेश के हर शहर में रोज हो रही हत्याओं से आम आदमी डरा हुआ है। मासूम बच्चियों से दुराचार की घटनाएं बढ़ गयी है। 5 साल की मासूम बच्ची सुरक्षित नहीं। लूट, चोरी, हत्या, चाकूबाजी के कारण नागरिकों में दहशत का माहौल है। गृह मंत्री, मुख्यमंत्री को कानून व्यवस्था की कोई चिंता नहीं है। छत्तीसगढ़ में आम नागरिक बढ़ते अपराध से डरा हुआ है।
यदि विपक्ष की निन्दा के लिये विशेष सत्र तो जनता के धन की बर्बादी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 30 अप्रैल को सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच से घोषणा किया है कि हम कांग्रेस की निदा करने के लिये विशेष सत्र बुलायेंगे। हालांकि राजभवन ने सत्र का कारण महत्वपूर्ण शासकीय कार्य बताया है। लेकिन मुख्यमंत्री ने जो कारण बताया है यदि वह सही है तो यह जनता के धन की बर्बादी है। जिस विषय पर लोकसभा में चर्चा हो चुकी है उस पर विधानसभा कैसे चर्चा करेगी। यह संसद की अवमानना भी है। विधानसभा के साथ निगमो, पालिकाओ में भी चर्चा करने विशेष आम सभा बुलाई गयी है, भाजपा अपने राजनैतिक एजेंडे के लिये संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। सरकार को विशेष सत्र बुलाना है तो अपने ढाई साल के कामो की चर्चा के लिये बुलाये। मोदी की गारंटी कितना पूरा किये इस पर चर्चा के लिये बुला ले। महतारी वंदन, 500 सिलेंडर, स्व सहायता समूह को काम, बढ़ती बेरोजगारी, अनियमित कर्मचारियो की नियमितीकरण जैसे अनेको मुद्दे है, जैसे पर चर्चा की जाये। विधानसभा में ही पारित आरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा करे ले वह क्यों नही लागू हो रहा सरकार इस पर चर्चा करे।

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