नौगई हत्याकांड ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था की उड़ाई धज्जियां, गृह मंत्री तुरंत इस्तीफा दें – आप

बैकुंठपुर। आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक स्थित नौगई गांव में हुई वीभत्स घटना, जिसमें भाजपा नेता भरत सिंह सहित तीन लोगों को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया, उस पर कड़ा प्रहार किया है। आम आदमी पार्टी ने इसे छत्तीसगढ़ के इतिहास का काला अध्याय बताते हुए राज्य की मौजूदा कानून-व्यवस्था को पूरी तरह ‘ध्वस्त’ करार दिया है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब ‘शांति का टापू’ नहीं बल्कि अपराधियों की शरणस्थली बन चुका है। नौगई की घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि सरकार के इकबाल पर तमाचा है। जिस प्रदेश में दिनदहाड़े एक लग्जरी गाड़ी को रोककर उसमें मौजूद लोगों को जिंदा जला दिया जाए, वहां आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस कर सकता है?
खनन माफिया और प्रशासन की मिलीभगत का आरोप:
जायसवाल ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि यह हत्याकांड ‘खनन संग्राम’ का नतीजा है। राज्य में खनन माफिया इतने बेखौफ हो चुके हैं कि उन्हें कानून का कोई डर नहीं रहा। उन्होंने सवाल किया कि क्या फरार आरोपी मनोज त्रिपाठी और उसके साथी राजनीतिक रसूख के कारण अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं? आखिर प्रशासन की इंटेलिजेंस क्या कर रही थी कि इतनी बड़ी साजिश की भनक तक नहीं लगी?
आम आदमी पार्टी की प्रमुख मांगें:
प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए गृह मंत्री को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
इस वीभत्स हत्याकांड की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो ताकि दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा मिल सके। पुलिस प्रशासन राजनीतिक दबाव छोड़कर बाकी 5 फरार आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करे।
रायपुर में इलाज करा रहे योगेंद्र सिंह और मयंक सिंह का संपूर्ण इलाज सरकारी खर्चे पर हो और पीड़ितों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए।
आम आदमी पार्टी चेतावनी देती है कि यदि सरकार ने माफियाओं के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए और कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं किया, तो पार्टी पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।







