महाराष्ट्र मंडल की पहली मांग पूरी, दूसरी पर काम जारी: महापौर

रायपुर। महापौर निर्वाचित होने के बाद के जब मैं पहली बार महाराष्ट्र मंडल आई थी, तो मुझसे मंडल के अध्यक्ष अजय काले ने दो मांग की थी। पहली मांग आयुर्वेदिक कॉलेज के पास स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर की प्रातिमा लगाने की थी और दूसरी शहर के श्मशान घाटों में अंतिम संस्कार के लिए नि:शुल्क लकड़ी उपलब्ध कराने की थी। मंडल की पहली मांग वीर सावरकर की प्रतिमा लगाने प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। अब सिर्फ प्रतिमा बनवाकर अनावरण करना है। इसी तरह अंतिम संस्कार के लिए नि:शुल्क लकड़ी उपलब्ध कराने की दिशा में नगर निगम का प्रयास जारी है। महाराष्ट्र मंडल के चैत्र गौर हल्दी कुंकू कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि महापौर मीनल चौबे ने इस आशय के विचार व्यक्त किए।
इस मौके पर महापौर मीनल को मंडल अध्यक्ष अजय काले, उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, महिला प्रमुख विशाखा मदन तोपखानेवाले ने सूत माला, शाल- श्रीफल, स्मृति चिह्न से सम्मानित किया। तत्पश्चात मीनल ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल के कार्य हमें प्रेरित करते हैं। साथ ही हमें भी विभिन्न समाजों के लिए किस तरह के काम करने चाहिए, इस दिशा में मार्गदर्शन भी देते हैं।
अध्यक्षीय संबोधन में मंडल अध्यक्ष काले ने कहा कि महापौर मीनल ने वीर सावरकर की प्रतिमा लगाने के लिए अथक प्रयास किए हैं। लंबे समय से हमारी लंबित मांग को महापौर मैडम ने सबसे पहले मेयर इन काउंसिल से पास कराया और पिछले हफ्ते ही नगर निगम की सामान्य सभा में इस प्रस्ताव को पास करवा लिया। हमें विश्वास है कि जल्दी ही वीर सावरकर की प्रेरक प्रतिमा का अनावरण आयुर्वेदिक कॉलेज के पास किया जाएगा। इन प्रयासों के लिए महापौर मीनल चौबे के प्रति महाराष्ट्र मंडल के सभी सभासद की ओर से मैं आभार व्यक्त करता हूं। इस मौके पर संत ज्ञानेश्वर सभागृह में उपस्थित सैकड़ों महिला सभासदों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया।






