जेसीसीजे ने गठित की वेदांता हादसे की जाँच के लिए 7 सदस्यीय दल

रायपुर। वेदांता पावर प्लांट हादसे को जनता कांग्रेस जोगी ने दुखद, चिंताजनक और निंदनीय बताया है। जेसीसीजे ने कहा कि यह कोई साधाराण दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और मुनाफाखोरी की मानसिकता का परिणाम प्रतीत होती है। इसकी जांच के लिए जनता कांग्रेस ने 7 सदस्यीय की जांच समिति का गठन किया है।
जेसीसीजे की 7 सदस्यीय जांच समिति में सुशील निर्मलकर (कार्यकारिणी प्रदेश अध्यक्ष – अजीत जोगी श्रमिक संघ) – अध्यक्ष
संतोषी रात्रे (प्रदेश अध्यक्ष – अजीत जोगी महिला मोर्चा) – सदस्य, नवीन अग्रवाल (प्रदेश महामंत्री) – सदस्य
अर्जुन राठौर (जिला अध्यक्ष – सक्ती) सदस्य, प्रशांत त्रिपाठी (जिला अध्यक्ष – बिलासपुर) सदस्य,
आशीष सुमेर (प्रदेश सचिव/ कोरबा) सदस्य और प्रिंकल दास (प्रदेश सह-सचिव/ रायगढ़) आदि शामिल हैं।
यह 7 सदस्यीय समिति घटना के कारणों, सुरक्षा व्यवस्थाओं की स्थिति और पीड़ितों को मिली सहायता का विस्तृत अध्ययन करेगी। इसके बाद वो अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष को सौंपेगी।
पार्टी अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा कि केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराकर मामले को दबाया नहीं जा सकता। जिम्मेदारी प्रबंधन स्तर के निर्णयकर्ताओं तक तय होनी चाहिए। जो मुंबई और लंदन में बैठकर संचालन संबंधी फैसले लेते हैं। उन्होंने मामले में हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से हादसे की जांच, दोषियों पर कठोरतम आपराधिक धाराओं में कार्रवाई और मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ और घायलों को 50 लाख रुपए के मुआवजे की मांग की है। उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा घोषित 35-35 लाख रुपए का मुआवजा और नौकरी का ऐलान पीड़ित परिवारों के दर्द को कम करने के लिए अपर्याप्त है। मानव जीवन का मूल्य इससे कहीं अधिक है।







