अतिथि शिक्षकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, संविलियन की मांग तेज

दुर्ग में प्रांतीय अतिथि शिक्षक विद्यामितान कल्याण संघ के बैनर तले स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह जिले सहित प्रदेश के अन्य जिलों में कार्यरत अतिथि शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। संविलियन की मांग को लेकर शिक्षकों ने कलमबंद हड़ताल का आह्वान किया है, जिससे स्कूलों में शैक्षणिक कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले 12 वर्षों से बस्तर सहित प्रदेश के विभिन्न सुदूर क्षेत्रों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं और इसके साथ ही कई स्थानों पर विभागीय कार्य भी उनसे कराए जाते हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें लगभग 20 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। उनकी मांग है कि उन्हें शासकीय शिक्षकों के रूप में संविलियन किया जाए और समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए। प्रदेश भर में लगभग 1532 विद्यामितान अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं, जिनका कहना है कि उन्हें न तो अवकाश की सुविधा मिलती है और न ही अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। शिक्षकों का यह भी आरोप है कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मुलाकात की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है, जहां दुर्ग कांग्रेस जिला अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने शिक्षकों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाया है।







