टेकारी में शाला परिवार के साथ जनप्रतिनिधियों ने किया खेल मैदान में वृक्षारोपण

00 असामाजिक तत्वों का खेल मैदान में प्रवेश प्रतिबंधित
रायपुर। विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय आरंग के अंतर्गत आने वाले ग्राम टेकारी ( कुंडा ) में विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत खेल मैदान में 5 अगस्त को वृक्षारोपण किया गया जिसमें शाला परिवार के साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर खेल मैदान में ग्राम के कतिपय असामाजिक तत्वों सहित उनके बुलावे पर आने वाले बाहरी असामाजिक तत्वों के द्वारा शराब व गांजा पीने – पिलाने की लगातार मिल रही शिकायतों के परिप्रेक्ष्य में मैदान के गेट में ताला लगाने व ऐसे तत्वों के खिलाफ ग्रामीण व्यवस्था के साथ – साथ पुलिसिया कार्यवाही भी कराने का निर्णय लिया गया और साथ ही खिलाडियों को इस मैदान का ग्रामीण व्यवस्था के तहत उपयोग करते रहने की भी छूट देने का निर्णय लिया गया। साथ ही इस मैदान में अनाधिकृत प्रवेश करने व शाम ढलने के बाद पाये जाने वालों को अंतिम चेतावनी भी दी गयी। साथ ही समय – समय पर ग्रामीणों द्वारा औचक छापामारी का निर्णय भी लिया गया।
ज्ञातव्य हो कि ग्राम का प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक शाला सहित खेल मैदान ग्राम के बाहर नारा मार्ग पर स्थित है इसी वजह से असामाजिक तत्व इसका फायदा उठा असामाजिक कृत्यों में लिप्त रहते हैं। ग्रामीण व्यवस्था कसने पर इन गतिविधियों पर कमी तो आयी है पर खासकर शाम ढले ग्राम के गंजेडियों सहित पियक्कड़ों व उनके बुलावे पर आने वाले बाहरी असामाजिक तत्वों का मजमा अब भी यहां लगने की शिकायत है। कुछ समय पहले मैदान के गेट में लगाये गये ताले को भी इन असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ दिये जाने की शिकायत है। इसी के मद्देनजर रोपित किये गये करीबन 500 पौधों की सुरक्षा व यहां होने वाले असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने सहित इस मैदान में होने वाले विकासखण्ड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता व अन्य गतिविधियों के परिप्रेक्ष्य में यह निर्णय लिया गया है।आज के इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि हेमंत कश्यप, क्षेत्रीय जनपद सदस्य राजू मनहरे, सरपंच प्रतिनिधि राजू यादव, पूर्व सरपंच नंदकुमार यादव, ग्रामीण सभा अध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा व पूर्व उपाध्यक्ष छेदन वर्मा, शाला परिवार के सदस्यों के साथ प्राचार्य एस के वर्मा व रोजगार सहायक कोमल वर्मा, केशव वर्मा , ईश्वर वर्मा व इस योजना में कार्यरत मजदूर मौजूद थे।







