हाईकोर्ट का बड़ा फैसला हसदेव नदी रेत खदान टेंडर रद्द, बिना फाइनल रिपोर्ट नीलामी पर रोक

Janjgir-Champa district में हसदेव नदी पर प्रस्तावित रेत खदान के टेंडर को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। ग्राम पंचायत हथनेवरा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना फाइनल जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (DSR) के रेत खदानों की नीलामी नहीं की जा सकती। कोर्ट ने कहा कि केवल ड्राफ्ट रिपोर्ट के आधार पर टेंडर जारी करना नियमों के खिलाफ है। मामला उस समय सामने आया जब प्रशासन ने पांच साल पुरानी डीएसआर रिपोर्ट के आधार पर रेत खनन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी थी, जबकि उसकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद 30 मार्च को टेंडर जारी कर सफल बोलीदाता का चयन भी कर लिया गया था। पंचायत ने इस प्रक्रिया को अवैध बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा कि ड्राफ्ट रिपोर्ट को तब तक मान्य नहीं माना जा सकता जब तक उसे जनता से आपत्तियां लेकर और कलेक्टर की मंजूरी के बाद अंतिम रूप न दिया जाए। राज्य सरकार ने दलील दी थी कि नई रिपोर्ट तैयार कर ऑनलाइन अपलोड की गई है, लेकिन कोर्ट ने इसे केवल ड्राफ्ट मानते हुए टेंडर रद्द कर दिया और नियमों के तहत नई प्रक्रिया अपनाने की अनुमति दी।






