RTE शुल्क प्रतिपूर्ति बढ़ाने की मांग को सरकार ने किया खारिज

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन को बड़ा झटका: विकास तिवारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा दिनांक 10 जून 2026 को जारी आदेश में छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की RTE अधिनियम, 2009 के अंतर्गत शुल्क प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाकर ₹15,000 प्रति छात्र प्रति वर्ष किए जाने की मांग को अस्वीकार कर दिया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान बजट एवं छात्र संख्या के आधार पर निर्धारित प्रतिपूर्ति राशि पर्याप्त है तथा इसमें वृद्धि की आवश्यकता नहीं है।
इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता विकास तिवारी ने कहा कि यह आदेश प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की बड़ी हार है। एसोसिएशन लंबे समय से प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग कर रहा था, लेकिन शासन ने उसे स्वीकार नहीं किया।
उन्होंने छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता एवं सचिव मोतीलाल जैन से सवाल पूछा कि अब उनका संगठन क्या करेगा?
“क्या छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन का आंदोलन ‘मिस्टर इंडिया’ की तरह गायब हो गया है? जब अपनी मांग मनवाने की बात थी तब बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन सरकार द्वारा मांग अस्वीकार किए जाने के बाद अब संगठन पूरी तरह शांत क्यों है?”
उन्होंने कहा कि यदि एसोसिएशन वास्तव में अपने सदस्यों के हितों के लिए संघर्ष कर रहा था, तो अब उसे स्पष्ट करना चाहिए कि
क्या वह सरकार के इस निर्णय के विरुद्ध लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा?, क्या वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा?
या फिर सरकार के आदेश को शिरोधार्य कर चुप बैठ जाएगा?
तिवारी ने कहा कि यदि संगठन अब कोई आंदोलन नहीं करता, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि उसके पूर्व के दावे केवल दिखावटी थे और सरकार के निर्णय के सामने उसने मौन धारण कर लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में जारी शासन के वित्तीय स्वीकृति आदेशों में मुख्य रूप से प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक (कक्षा 1 से 8) के RTE विद्यार्थियों की प्रतिपूर्ति का उल्लेख मिलता है, जबकि नर्सरी, KG-1, KG-2 तथा कक्षा 9 से 12 के RTE विद्यार्थियों की प्रतिपूर्ति से संबंधित अभिलेख सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हैं। इस संबंध में उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग को जानकारी मांगने की बात कही है, ताकि पूरे प्रतिपूर्ति तंत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।





