ChhattisgarhRegion

नारायणपुर के आदिवासी अंचल प्रतिभावान विद्यार्थियों का नई दिल्ली स्थित संसद भवन का शैक्षणिक भ्रमण 

Share


रायपुर। राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा स्कूली और कॉलेज छात्रों के लिए आयोजित एक प्रमुख कार्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय प्रक्रियाओं की समझ और नेतृत्व गुणों का विकास करना है ताकि वे जिम्मेदार नागरिक और भविष्य के जन-प्रतिनिधि बन सकें। जब हौसले बुलंद हों और मार्गदर्शन सही मिले, तो छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के नारायणपुर के सुदूर वनांचल की प्रतिभाएँ भी देश की राजधानी दिल्ली तक अपनी धमक दर्ज करा सकती हैं।
छत्तीसगढ़ की टीम उपविजेता बनकर उभरी
छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के नारायणपुर जिले में स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) छेरीबेड़ा के विद्यार्थियों ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। राजस्थान के उदयपुर (खेरवाड़ा) में आयोजित आंचलिक (जोनल) स्तरीय राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता में इस विद्यालय की 53 सदस्यीय टीम ने न केवल छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया, बल्कि अपने उत्कृष्ट और ओजस्वी प्रदर्शन से पूरे प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की टीमों के बीच कड़ा मुकाबला था, जिसमें छत्तीसगढ़ की टीम उपविजेता बनकर उभरी।

राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता में EMRS छेरीबेड़ा के बच्चों ने बिखेरी चमक, छत्तीसगढ़ की टीम उपविजेता
संसद की कार्यवाही देखने नई दिल्ली जाएंगे 8 होनहार विद्यार्थी
इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाने वाले 8 प्रतिभावान विद्यार्थियों का चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए हुआ है। इन बच्चों को अब देश के लोकतंत्र के मंदिर—नई दिल्ली स्थित संसद भवन का शैक्षणिक भ्रमण करने और वहाँ लाइव कार्यवाही देखने का ऐतिहासिक अवसर मिलेगा। ज्ञात हो कि स्पीकर की भूमिका में हर्षा को प्रथम स्थान,द्वितीय स्थान में मनसाय और अनुराधा तथा तृतीय स्थान अंजीला, निकिता, वेदिका, जयबति और शामी को मिला। इन बच्चों ने जिस आत्मविश्वास के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संसदीय बहसों को मंच पर जीवंत किया, उसने निर्णायकों का दिल जीत लिया।
सफलता के पीछे का मार्गदर्शन और समर्पण
इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे विद्यालय के प्राचार्य का प्रेरणादायी नेतृत्व और विज़न रहा है। वहीं, बच्चों को संसद की बारीकियां सिखाने और उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाने में कार्यक्रम प्रभारी व सामाजिक विज्ञान के शिक्षक के कड़े प्रशिक्षण और समर्पण की मुख्य भूमिका रही। प्राचार्य ने इस गौरवमयी उपलब्धि पर हेड क्वार्टर (नई दिल्ली), ईएमआरएस स्टेट सोसायटी सीटीडी रायपुर, नारायणपुर कलेक्टर और आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त सहित सभी उच्चाधिकारियों का आभार व्यक्त किया है, जिनके निरंतर सहयोग से बच्चों को आगे बढऩे का हौसला मिला।
बस्तर संभाग के नारायणपुर जैसे वनांचल क्षेत्र के बच्चों की इस बड़ी छलांग से पूरे प्रदेश में हर्ष का माहौल है। विद्यालय परिवार, अभिभावकों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने चयनित छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

GLIBS WhatsApp Group
Show More
Back to top button