परीक्षा से घबराये नहीं अपनी मानसिक शक्ति बढ़ाएं, गायत्री परिवार ने स्कूली बच्चो को दिया सुझाव
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रायपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार रायपुर द्वारा समता कॉलोनी स्थित गायत्री शक्ति पीठ में स्कूली बच्चों के लिये ’’परीक्षा के दिनों में’’ विषय पर सुझााव दिया गया। इस अवसर पर गायत्री परिवार छत्तीसगढ़ की जोन समन्वयक श्रीमती आदर्श वर्मा, गायत्री शक्ति पीठ समता कॉलोनी के ट्रस्टी श्री सदाशिव हथमल, परिव्राजक श्री नीलम सिन्हा एवं बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थीगण उपस्थित थे।
श्रीमती आदर्श वर्मा एवं श्री सदाशिव हथमल ने उपस्थित विद्यार्थियों को बताया कि परीक्षा का दिन हर छात्र के जीवन का एक महत्वपूर्ण दिन होता है। यह दिन तनाव, उत्साह और अपेक्षाओं से भरा होता है। सुबह उठते ही एक अलग सी हलचल होती है। किताबें, पेन, पेंसिल, पानी की बोतल, सब कुछ सावधानी से तैयार किया जाता है। मन में एक अजीब सी बेचौनी होती है, लेकिन साथ ही एक उम्मीद भी होती है। उन्होने विद्यार्थियों से कहा कि परीक्षा के दिनों में सकरात्तक चिंतन करेंगें कि हम अपने लक्ष्य को प्राप्त करके ही रहेंगे। हर विषय के लिये संक्षिप्त नोट्स की एक छोटी बनायेंगे। उसमें महत्वपूर्ण बिन्दु लिखेंगे। जब भी समय मिलेगा उसे देखकर मन ही मन विस्तार से पढ़ाई का मनन करेंगे। पिछली बार जिस भी विषय में कम अंक आये होंगे, उस पर अधिक मेहनत करेंगे। परीक्षा की तैयारी के लिये ब्रम्हमूहुर्त में उठकर जोर-जोर से उच्चारण करते हुए प्रश्नों के उत्तर को याद करेंगे। अगर कोई पेपर अच्छा नही गया हो तो उस पर अनावश्यक चिंता करने के बजाय अगले पपेर्स की और उच्छी तरह तैयारी करने के लिये संकल्प पूर्व जुट जायेगे। प्रवेश पत्र पर लिखें निर्देशों को पहले से ही अच्छी तरह पढ़ लेगें। परीक्षा देने के बाद उस पेपर के बारे में अनावश्यक बातचित से आत्मविश्वास कम होता है। अतः सीधे घर जाकर अगले पेपर की तैयारी में मन लगायेंगे।
वहीं परिव्राजक श्री नीलम सिन्हा ने बताया कि परीक्षा हॉल में हमारे केवल दो साथी है, पहला हमारा वर्ष भर की नियमित पढ़ाई दूसरा हमारा आत्मविश्वास यह दोनों साथ रहने पर भय की कोई बात नहीं रहती। परीक्षा हॉल में सर्वप्रथम शांत मन से बैंठें। आत्मबल व इच्छाशक्ति को बढ़ाए। प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़ें जो पूछा गया है उसी का जवाब दे अनवाश्यक नहीं। जो प्रश्न अच्छी तरह से आते होंगे उन्हें पहले हल करेंगे शेष उनके बाद हल करेगें। परीक्षा हॉल में इधर उधर देखकर, अन्य अनावश्यक कार्यों में समय व्यर्थ न गवाए। अनुचित तरीको से सफलता प्राप्त करने के बजाय अपने किये हुए अध्ययन के अनुसार ही प्रश्नों को हल करेंगे।
इसी के साथ उनके द्वारा पालकों सेे भी उनके घर के वातारण को बच्चों के पढ़ाई के अनुकूल बनाने कहा गया साथ ही सभी विद्यार्थियों के उज्जल भविष्य की मंगलकामना की गई।
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