15 जुलाई को होंगे भगवान जगन्नाथ के दर्शन
जगदलपुर। ऐतिहासिक गोंचा महापर्व में इन दिनों भगवान जगन्नाथ अनसर काल में हैं और श्रद्धालु नेत्रोत्सव की प्रतीक्षा कर रहे हैं। चंदन जात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा सहित 22 विग्रहों को मंदिर में विराजमान किया गया है।
मान्यता है कि अनसर काल के दौरान 15 दिनों तक भगवान के दर्शन नहीं होते। 15 जुलाई को नेत्रोत्सव के साथ पहली बार श्रद्धालुओं को श्री मंदिर के बाहर दर्शन होंगे। बस्तर की यह सबसे बड़ी विशेषता है कि यहां एक साथ 22 विग्रहों की पूजा की जाती है। आरण्यक ब्राह्मण समाज के अनुसार मूल रूप से 24 विग्रह लाए गए थे।
बताया जाता है कि यात्रा के दौरान दो विग्रह नवरंगपुर में ही छूट गए थे। इसी वजह से जगदलपुर में छह शताब्दियों से 22 विग्रहों की ही पूजा की परंपरा चली आ रही है। 16 जुलाई को भव्य रथयात्रा निकलेगी। 20 जुलाई को हेरा पंचमी और 24 जुलाई को बाहुड़ा रथयात्रा का आयोजन होगा। गोंचा महापर्व की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। श्रद्धालुओं में भगवान के दर्शन को लेकर उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है।




