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जनता की लिक्विडिटी छीनकर गोवा के होटलों में निवेश कर रही थी कांग्रेस : भाजपा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पेश किए गए छठवें पूरक आरोप पत्र का हवाला देते हुए कहा कि इसमें कांग्रेस सरकार के समय हुए भ्रष्टाचार के नए और चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं।
पाण्डेय ने आरोप लगाया कि इस महाघोटाले के कारण आज छत्तीसगढ़ में नकदी और मुद्रा तरलता (लिक्विडिटी) का भारी अभाव दिख रहा है। छत्तीसगढ़ की जनता का हक मारकर यहाँ का पैसा दूसरे राज्यों में अवैध रूप से निवेश किया गया, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था काफी पीछे चली गई है। श्री पाण्डेय ने बताया कि शराब घोटाले की काली कमाई का लगभग 110 करोड़ रुपया कथित रूप से पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र के माध्यम से नॉर्थ गोवा के होटल वेस्टिन को खरीदने में लगाया गया है। ईडी ने इसके पुख्ता प्रमाण चार्जशीट में जोड़े हैं। इस पूरे घोटाले में अब तक लगभग 89 आरोपियों को नामजद किया गया है, और अपराधियों से कुल 1,000 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति को ईडी द्वारा फ्रीज या सीज किया जा चुका है। ताजा चार्जशीट में ही 200 करोड़ रुपए की नई बेनामी और अवैध सम्पत्ति का पता चला है। श्री पाण्डेय ने मांग की है कि बेनामी ट्रांजेक्शन और मनी लॉन्ड्रिंग के इस भयावह खेल पर कांग्रेस पार्टी को जनता के सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह लूट अकेले नहीं हुई। इसमें राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी और बड़े व्यवसायियों की तिकड़ी का एक मजबूत सिंडिकेट सक्रिय था। इस सिंडिकेट के कई तत्कालीन मंत्री और अधिकारी आज भी जेलों में बंद हैं। श्री पाण्डेय ने सवाल उठाया कि इतने बड़े घोटाले और गंभीर आरोपों के बाद भी कांग्रेस पार्टी चुप क्यों है? कांग्रेस के पास केंद्रीय एजेंसियों पर दुरुपयोग का आरोप लगाने के अलावा कोई सीधा स्पष्टीकरण नहीं है। कांग्रेस के कोषाध्यक्ष के गायब होने पर भी श्री पाण्डेय ने जवाब मांगा और दो टूक कहा कि इस पूरे सिंडिकेट को चलाने वाला और इसका असली बॉस वही है जो उस समय सत्ता का संचालन कर रहा था। पूरी जाँच से साफ है कि राजनेताओं के संरक्षण में ही यह लूट मची थी। कांग्रेस को इधर-उधर की बात करने के बजाय छत्तीसगढ़ की जनता को सीधे-सीधे जवाब देना चाहिए।

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