Chhattisgarh
राजनांदगांव में बस सेवा बदहाल करोड़ों की बसें गायब, जनता को नहीं मिल रही परिवहन सुविधा

राजनांदगांव में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो गई है। लगभग दस साल पहले करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से 20 बसें शहर में लोगों की सुविधा के लिए खरीदी गई थीं, जिनमें शुरुआती दौर में कुछ बसें चली भी थीं, लेकिन बाद में संचालन में लापरवाही और प्रशासनिक निगरानी की कमी के कारण यह सेवा धीरे-धीरे ठप पड़ गई। कोविड-19 के बाद हालात और बिगड़ गए और अधिकांश बसें बंद ही रह गईं। वर्तमान में कुछ बसें नया बस स्टैंड और पाताल भैरवी मंदिर के पास खड़ी मिली हैं, जबकि कई बसों का कोई पता नहीं है। इन बसों के संचालन की जिम्मेदारी जिला अर्बन कमेटी के पास थी, लेकिन अब उसके पास भी स्पष्ट जानकारी नहीं है। इस लापरवाही पर न तो कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही जिम्मेदारी तय की गई है, जबकि अब शहर में इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है।






