ChhattisgarhMiscellaneous

बिना ग्रामसभा की अनुमति के गांव में चूना पत्थर के लिए निजी कंपनी का खनन सर्वे, भड़के ग्रामीण

Share

धमधा। धमधा के ग्राम पंचायत दानी कोकड़ी में चूना पत्थर खनन परियोजना के लिए निजी कंपनी के द्वारा कराए जा रहे सर्वे पर ग्रामीणों में आक्रोश है। अब यह मामला केवल खनन सर्वे के विरोध तक सीमित नहीं रह गया है। इससे गांव के अस्तित्व, पर्यावरण संतुलन और ग्रामीणों के भविष्य का गंभीर मुद्दा बन चुका है। गांव में प्रस्तावित खदान के लिए निजी कंपनी मेसर्स इकोमेन माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सर्वे कराया जा रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि यह प्रक्रिया ग्राम सभा की अनुमति और आमजन की सहमति के बिना ही शुरू की गई है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें इस संबंध में न तो पहले कोई जानकारी दी गई और न ही राय ली गई। ग्रामीणों ने बताया कि प्रस्तावित खदान क्षेत्र में 58.779 हेक्टेयर का जलग्रहण क्षेत्र भी शामिल हैं। जो गांव के खेतों की सिचाई में काम आता है।
इस क्षेत्र में खनन होने पर भूमिगत जलस्त्रोत के सूखने खतरा है। इससे न केवल वर्तमान पीढ़ी बल्कि आने वाली पीढ़ियों का जीवन भी प्रभावित होगा । गांव के बुजुर्गों और किसानों ने कहा कि दानी कोकड़ी केवल एक गांव नहीं, बल्कि सैकड़ों वर्षों की परंपरा, संस्कृति और सामाजिक ताने-बाने का प्रतीक है। यहां के खेत- खलिहान, घर और धार्मिक स्थल ग्रामीणों की पहचान से जुड़े हुए हैं। खनन से लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को लेकर कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपे, अधिकारियों से मुलाकात की और शिकायतें भी दर्ज कराईं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ही खनन सर्वे पर रोक नहीं लगाई और उनकी सहमति के बिना आगे की प्रक्रिया बढ़ाई गई, तो वे उग्र आंदोलन पर होंगे।
इस विरोध प्रदर्शन और बैठक में पूर्व जनपद सदस्य ईश्वरी निर्मलकर, सरपंच संजय निर्मलकर सहित प्रहलाद यादव, भोला मानिकपुरी, छबिलाल यादव, हेमंत दास मानिकपुरी, बीरबल ठाकुर, कल्याण ठाकुर, अश्वन मांडवी, अश्वन ठाकुर, खिलावन पाल, मुकेश मंडावी, तोरण साहू, अशोक घटनागर, संतराम पाल, शिव ठाकुर सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

GLIBS WhatsApp Group
Show More
Back to top button