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अबूझमाड़ से लाए फूल झाडू के 10 लाख कंद कोंडागांव के वन भूमि में रोपे गये 

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कोंडागांव। जिले की वन विभाग ने अबूझमाड़ से लाए गए 10 लाख फूल झाडू (बेंड़ा) के कंद जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों और गांवों की खाली पड़ी वन भूमि पर रोपने का अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत नारंगी परिक्षेत्र के अनर्जीत अनोन, चांदेगांव पारा और कुम्हारबेड़ा सहित मर्दापाल परिक्षेत्र के बेतबेड़ा और गोलावंड गांवों में बड़े पैमाने पर कंद लगाए जा चुके हैं। फूल झाडू के 10 लाख कंद अब यह लहलहाने लगे हैं। वन विभाग की योजना केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है। अगले चरण में गांवों में फूल झाडू निर्माण के कुटीर उद्योग विकसित किए जाएंगे। यहां स्थानीय लोग स्वयं झाड़ू तैयार करेंगे। इससे रोजगार गांवों में ही उपलब्ध होगा। कोंडागांव का फूल झाडू प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न बाजारों तक पहुंच सकेगा।
सेवानिवृत्त एसडीओ जीएल वर्मा ने बताया कि लगभग 10 पौधों से एक फूल झाडू तैयार किया जा सकता है। इस आधार पर 10 लाख कंदों से भविष्य में करीब एक लाख फूल झाडू का उत्पादन संभव होगा। यदि एक झाड़ू का न्यूनतम बाजार मूल्य 50 रुपये भी माना जाए तो इससे हर वर्ष लगभग 50 लाख रुपये के कारोबार की संभावना है। इसका सीधा लाभ वन-आश्रित परिवारों, महिला स्व-सहायता समूहों और स्थानीय ग्रामीणों को मिलेगा। ये पौधे कभी खत्म नहीं होते। आप एक बार लगाकर लंबे समय तक झाडू तैयार करते रह सकते हैं।
वन मंडलाधिकारी चूड़ामणि सिंह ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य सिर्फ पौधरोपण नहीं है। इसका लक्ष्य दीर्घकालीन आजीविका बनाना है। उन्होंने कहा कि एक बार लगाए गए कंद कई वर्षों तक उत्पादन देते हैं। इससे लगातार फूल झाडू तैयार किए जा सकते हैं। ग्रामीणों को नियमित आय का स्रोत मिलता रहेगा।

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