क्षत्रिय करणी सेना संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सहित 220 पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे हुए राजपूत करणी सेना में शामिल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजपूत समाज की राजनीति और संगठनात्मक गतिविधियों में बड़ा बदलाव गुरुवार को देखने मिला जब डॉ. राज शेखावत की क्षत्रिय करणी सेना संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक कुमार सिंह समेत प्रदेश के 220 पदाधिकारी ने पार्टी से इस्तीफा देकर अनुराग प्रताप सिंह के नेतृत्व वाली राजपूत करणी सेना (कालवी विचारधारा) में शामिल हो गए। अभिषेक कुमार सिंह को अब राजपूत करणी सेना का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
यहां यह उल्लेखनीय है कि शेखावत वाली क्षत्रिय करणी सेना ने सूदघोर तोमर बंधुओं के सपोर्ट में चरणबद्ध आंदोलन किया था। इस पूरे आंदोलन को तब संगठन की प्रदेश में कमान संभाल रहे अभिषेक सिंह ने ग्राउंड लेवल पर संभाला था। पूरे घटनाक्रम के दौरान तोमर बंधुओं का साथ देने के लिए शेखावत को छत्तीसगढ़ क्रांति सेना का विरोध झेलना पड़ा। सोशल मीडिया पर भी सूदघोर बंधुओं का साथ देने पर नेगेटिव कमेंट्स अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर यूजर्स ने किए। इस पूरे घटनाक्रम से क्षत्रिय करणी सेना के छवि को छत्तीसगढ़ में बड़ा नुकसान पहुंचाया। इसके बाद से ही प्रदेश में वैचारिक दृष्टिकोण से क्षत्रिय करणी सेना दो गुटों में बट गई थी।
इसके बाद अभिषेक और उनकी टीम ने गुरुवार को डॉ. राज शेखावत की क्षत्रिय करणी सेना संगठन से अपनी पूरी टीम के साथ इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि नई जिम्मेदारी के साथ वे समाजहित के मुद्दों पर और मजबूती से काम करेंगे। अनुराग प्रताप सिंह के नेतृत्व वाली राजपूत करणी सेना (कालवी विचारधारा) ने अभिषेक कुमार सिंह को छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। संगठन पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में संगठन राज्य में युवाओं और सामान्य वर्ग के मुद्दों को मजबूती से उठाएगा।







