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पंचायत सचिव को हटाने की मांग, ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधि एकजुट

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पंडरिया। ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधि ग्राम पंचायत में पदस्थ सचिव के खिलाफ लामबंद हो गए हैं । उन्होंने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियो ने इस सम्बन्ध में कई बार जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक अग्रवाल और अन्य अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि तीन दिनों के भीतर सचिव को नहीं हटाया गया तो पंचायत के सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधि सामूहिक इस्तीफा देंगे तथा जिला पंचायत कबीरधाम कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन करेंगे।
जनपद पंचायत पंडरिया अंतर्गत ग्राम पंचायत किशुनगढ़ में पदस्थ सचिव रामाधार साहू को हटाने की मांग अब उग्र रूप लेती जा रही है। सरपंच, उपसरपंच, पंचों और ग्रामीणों ने सचिव के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रशासन को अल्टीमेटम सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव के कार्य व्यवहार और पूर्व रिकॉर्ड को देखते हुए पंचायत में अविश्वास और असंतोष का माहौल बन गया है। रामाधार साहू की नियुक्ति 20 फरवरी को ग्राम पंचायत किशुनगढ़ में की गई थी। इसके बाद से पंचायत में लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह जहाँ जहाँ रहे हैं वहां वहां उन पर अनियमितताओं और गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं।
ग्राम पंचायत किशुनगढ़ के सरपंच रोहित कुमार टंडन द्वारा मुख्य कायर्पालन अधिकारी जनपद पंचायत पंडरिया को लिखित आवेदन देकर सचिव को तत्काल हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और जॉब कार्ड आवेदनों में हस्ताक्षर नहीं करने, पंचायत बैठकों की सूचना जारी नहीं करने और आम बाजार नीलामी प्रक्रिया लंबित रखने के आरोप लगाए गए हैं। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत छीरपानी में भी सचिव रामाधार साहू के खिलाफ शिकायत की गई थी। वहां के सरपंच ने वर्ष 2024-25 की रोकड़ बही, बिल वाउचर और अन्य दस्तावेज प्रभार में नहीं दिए जाने के आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि चार माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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