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33.70 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति से 1000 हेक्टेयर में बढ़ेगा सिंचाई का रकबा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने कृषि और सिंचाई विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की गेऊर व्यपवर्तन योजना के लिए 33.70 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना के पूर्ण होने से विकासखंड राजपुर के किसानों की किस्मत बदलेगी और क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। इस परियोजना के पूर्ण होने पर कुल 1000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित होगी। इसमें मुख्य रूप से खरीफ सीजन में 770 हेक्टेयर क्षेत्र और रबी सीजन में 230 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाइ्र सुविधा उपलब्ध होगी। इस विस्तार से न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि जल प्रबंधन की स्थिति में भी सुधार आएगा। योजना का वित्तपोषण अनुसूचित जनजाति उपयोजना के तहत लघु सिंचाई मद से किया जाएगा।
प्रशासन के कड़े निर्देश- गुणवत्ता और समय-सीमा सर्वोपरि
राज्य शासन ने इस परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करना अनिवार्य होगा। अनावश्यक देरी या समय-वृद्धि की अनुमति नहीं दी जाएगी। निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा गया है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। निविदा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धात्मक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
तकनीकी एवं वैधानिक अनुपालन
कार्य प्रारंभ करने से पहले सक्षम अधिकारियों से तकनीकी स्वीकृति और ड्रॉइंग- डिज़ाइन का अनुमोदन अनिवार्य है। साथ ही, भू-अर्जन के मामलों में शासन ने स्पष्ट किया है कि व्यय स्वीकृत राशि की सीमा के भीतर ही किया जाएगा। यदि भूमि शासकीय है, तो निर्माण कार्य वहीं सुनिश्चित किया जाएगा।
विकास का नया अध्याय
इस परियोजना के पूर्ण होने से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। शासन का यह निर्णय क्षेत्र के समग्र विकास और खाद्य सुरक्षा की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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