वेदांत पॉवरप्लांट बायलर ब्लास्ट, मौत पर मुआवजे का मरहम
सक्ती। वेदांता पावर प्लांट प्रबंधन की लापरवाही से 24 मजदूरों की जान चली गई। अब जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों को मुआवजे का मरहम लगाया जा रहा है। इस सम्बन्ध में प्रबंधन का दावा है कि मरने वाले 24 मजदूरों में से 21 मजदूरों और घायल 11 मजदूरों को मुआवजे का भुगतान करने के दावा किया जा रहा है। गौरतलब है कि वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट की चपेट में आने से 35 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इनमें से 24 मजदूरों की मौत हो चुकी है। गंभीर रूप से घायल 3 मजदूरों के साथ 6 मजदूरों को विभिन्न अस्पतालों में निगरानी में रखा गया है। घायल दो मजदूरों के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
वेदांता प्रबंधन ने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजन को 35-35 लाख रुपए और नौकरी देने और घायलों को 15-15 लाख रुपए देने की बात कही थी। इसके अलावा सीएम साय ने मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया था। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी मुआवजे की घोषणा की है। पीएमएनआरएफ से मृतक के परिवार वालों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपए दिए जाएंगे।
हादसे की जांच शुरू: वेदांता पावर प्लांट हादसे की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर संभाग के आयुक्त को उच्चस्तरीय जांच के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिससे हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके। जांच में आमजन, प्रत्यक्षदर्शियों और संबंधित पक्षों से साक्ष्य एवं दस्तावेज आमंत्रित किए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति इस दुर्घटना से जुड़े तथ्य, दस्तावेज या महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत करना चाहता है, तो वह 29 अप्रैल को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक, आयुक्त कार्यालय, बिलासपुर संभाग में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकता है।
बिलासपुर संभाग आयुक्त सुनील जैन ने कहा है कि इस जांच का उद्देश्य दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाना, दोषियों की जिम्मेदारी तय करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित करना है। इसलिए आमजन से अपेक्षा है कि वे उपलब्ध तथ्यों के साथ सहयोग प्रदान करें।



