बालगृह में समर कैंप का हुआ शुभारंभ, दो माह तक चलेंगे विविध कार्यक्रम

जगदलपुर। बाल देखरेख संस्था के अंतर्गत संचालित बाल गृह (बालक/बालिका) में आज ग्रीष्मकालीन समर कैंप का शुभारंभ किया गया। यह समर कैंप 16 अप्रैल से 15 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। समर कैम्प का संचालन कैटालिस्ट फॉर सोशल एक्शन (सीएसए) के सहयोग से किया जा रहा है। इस समर कैंप का उद्देश्य बालगृह में निवासरत बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य से आगामी दो माह तक बच्चों के लिए विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर बाल गृह के अधिकारी कर्मचारी सहित बाल गृह के बच्चे बड़ी संख्या उपस्थित रहे।
इस अवसर पर बाल कल्याण समिति बस्तर के अध्यक्ष नरेंद्र पाणिग्राही ने कहा कि समर कैंप केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास का एक महत्वपूर्ण मंच है। आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में बच्चों का मानसिक, शारीरिक एवं बौद्धिक रूप से सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास करते हैं। बाल गृह में निवासरत बच्चों को अक्सर सीमित अवसर मिल पाते हैं, ऐसे में यह समर कैंप उनके लिए एक सुनहरा अवसर है, जहां वे अपनी प्रतिभा को पहचान सकते हैं और उसे निखार सकते हैं। मैं सभी बच्चों से आग्रह करता हूं कि वे पूरे उत्साह और लगन के साथ इस शिविर में भाग लें तथा प्रत्येक गतिविधि से कुछ नया सीखने का प्रयास करें। बाल कल्याण समिति बस्तर के सदस्य श्रीमती वर्षा श्रीवास्तव, श्रीमती धनेश्वरी वर्मा, रामकृष्ण ठाकुर, संतोष जोशी का भी मार्गदर्शन समर कैंप में बच्चों को प्राप्त होगा।
कार्यक्रम में सीएसए प्रोग्राम ऑफिसर योगेश ठाकुर ने बताया कि समर कैंप के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता, खेलकूद, नृत्य, नाटक, हिंदी एवं अंग्रेजी भाषा प्रशिक्षण, रचनात्मक गतिविधियां तथा रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों द्वारा बच्चों को मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा, जिससे उनके ज्ञान, कौशल एवं आत्मविश्वास में वृद्धि हो सके। संस्थागत अधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई मनोज कांत जोशी ने कहा कि समर कैंप के सफल संचालन हेतु संस्था के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी समर्पित भाव से सहयोग करेंगे तथा बच्चों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।







