मेकाज के डॉक्टरों ने दो बच्चों की आंख की लौटाई रौशनी

जगदलपुर। बस्तर जिला मुख्यालय के मेडिकल कालेज डिमरापाल के नेत्र चिकित्सकों ने 2 मासूम बच्चों के आंखों मे धसी लकड़ी को निकालने के साथ ही उनके आंख की रोशनी को भी वापस लाैटाकर राेशन कर दिया। इस ऑपरेशन से ना सिर्फ मासूम बच्चें फिर से इस दुनिया को देख सकेंगे। साथ ही उनके परिवार के लोग जो उम्मीद खो चुके थे, उन्हें भी मुस्कुराने की वजह दी। बता दे कि डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में नानगुर ब्लॉक में रहने वाला 5 वर्षीय दिगेश फरवरी 2026 में टूटे हुए कांच से खेल रहा था। अचानक से कांच का टुकड़ा दाहिनी आंख में जा लगा। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
इस घटना में दिगेश के आंख की कॉर्निया फट गई और आंख की रोशनी चली गई थी। घटना के बाद बच्चे को शासकीय मेडिकल कॉलेज, डिमरापाल लाया गया, जहां मेकाज डीन डॉ प्रदीप बेक, अधीक्षक डॉ अनुरूप साहू ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल नेत्र विभाग की विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया। टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत उपचार प्रारंभ किया। नेत्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. छाया शोरी, डॉ. टीसी आडवानी एवं पीजी रेजिडेंट्स ने मिलकर जटिल कॉर्निया रिपेयर सर्जरी सफलता पूर्वक संपन्न की। इस ऑपरेशन में एनेस्थेटिस्ट डॉ. काशी एवं नर्सिंग स्टाफ का विशेष सहयोग रहा। डॉक्टरों की इस टीमवर्क और तत्परता के कारण बच्चे की आंख की रोशनी पुनः वापस लाने में सफलता मिली।
इसी तरह तोकापाल विकासखंड के आरापुर की 6 वर्षीय बालिका अंजली की दाहिनी आंख में लकड़ी का नुकीला टुकड़ा कॉर्निया में घुस क गया था। और उसकी दृष्टि काफी कम हो गई थी। बालिका को डिमरापाल की ओपीडी में लाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए नेत्र विभाग में तत्काल सर्जरी की गई। टीम ने सफलता पूर्वक ऑपरेशन कर आंख के अंदर घुसे लकड़ी के टुकड़े को सुरक्षित बाहर निकाला। सफल सर्जरी के बाद बालिका की आंख की रोशनी पुनः वापस आ गई। इन दोनों घटनाओं में नेत्र विशेषज्ञ, स्टफ नर्स ने महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी वजह से इन बच्चों को नई जिंदगी मिली।







