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बस्तर में 2 वर्ष के भीतर लगाए गए 3500 मोबाइल टावर, 401 नए टावर प्रस्तावित

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जगदलपुर। बस्तर देश का पहला और इकलौता संभाग बन गया है, जहां पिछले 2 वर्ष के भीतर 3500 से ज्यादा मोबाइल टावर लगाए गए हैं, वहीं र्वतमान में 401 और नए टावर प्रस्तावित हैं। नक्सलियों के पूरी तरह खात्मे में भी मोबाईल कनेक्टिविटी के जरिए आई संचार क्रांति की बड़ी भूमिका रही है। नक्सलियों से जुड़ी जो जानकारी कभी सुरक्षाबलों तक मिलने लगी। नक्सलियों के सटीक लोकेशन और गतिविधियों के आधार पर सुरक्षाबलों ने मिशन 2026 के तहत सैकड़ों ऑपरेशन लॉन्च किए, इनमें बड़े पैमाने पर नक्सलियों के खात्में में मदद मिली। बीएसएनएल के अनुसार बस्तर संभाग में सबसे ज्यादा 848 गांवों तक 4जी नेटवर्क पहुंच चुका है। इधर जियो के आंकड़े करीब 3 गुना ज्यादा हैं। अकेले बस्तर संभाग के धुर नक्सल प्रभावित माने जाने वाले दंतेवाड़ा, सुकमा व बीजापुर जिलों के 307 गांव आज 4जी नेटवर्क से लैस हो चुके हैं। वहीं बस्तर जिले के 167, कोंडागांव के 23 और नारायणपुर के 233 गांवों के अलावा कांकेर के 113 गांवों तक 4जी नेटवर्क पहुंच चुका है।
गौरतलब है कि बस्तर संभाग में सबसे ज्यादा अकेले जियो कंपनी के 2 हजार टावर हैं, जबकि बीएसएनएल के 477, एयरटेल के करीब 175 और वीआई के 200 से ज्यादा टावर स्थापित हैं। अंदरूनी इलाकों में मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने का जिम्मा बीएसएनएल और जियो ही संभाल रहे हैं। बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने पूरे बस्तर संभाग में 150 से ज्यादा पुलिस कैंप खोले गए। वहीं सरकार ने नियद नेल्ला नार योजना भी शुरू की। इसके तहत कैंप से 10 किमी के दायरे में आने वाले गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जानी हैं। इनमें मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी पहली प्राथमिकता है। यही कारण है कि बस्तर में मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी को एक मिशन के रूप में लेकर बीएसएनएल और जियो लगातार काम कर रहे हैं।
बस्तर में बीएसएनएल के मुख्य महाप्रबंधक शरतचंद्र तिवारी ने बताया कि कंपनी ने हर गांव तक टेलीकॉम सेवाओं का विस्तार करने का प्रयास किया गया है। डिजिटल भारत निधि मोबाइल परियोजना के तहत बीएसएनएल ने बस्तर में 160 ऐसे नए गांवों तक कवरेज पहुंचाया, जहां अब तक किसी भी ऑपरेटर की सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं। इसके अलावा पहले से स्थापित टावरों को भी 4-जी में तब्दील किया जा रहा है। वर्तमान में बस्तर में करीब 1400 नोड्स के जरिए बीएसएनएल वॉइस और डाटा सेवाएं मुहैया करवा रहा है। नए टावर लगने और पुराने टावर के उन्नयन से बस्तर में डाटा खपत का औसत 80 प्रतिशत तक बढ़ गई है। बस्तर के कोने-कोने तक मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी के लिए लगातार काम जारी है। उन्होने बताया कि र्वतमान में 401 और नए टावर प्रस्तावित हैं।

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