सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग टॉयलेट नही होना शर्मनाक: एचसी

बिलासपुर। राज्य के 5,000 से अधिक सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय नहीं होने पर हाईकोर्ट ने चिंता जताते हुए इसे शर्मनाक बताया है। हाईकोर्ट ने कहा कि पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद सुधार की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। डिवीजन बेंच ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को शपथ पत्र के साथ विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने जनवरी 2025 में दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान एक समाचार रिपोर्ट का उल्लेख किया, जिसमें विद्यालयों में लड़कियों के शौचालयों की गंभीर कमी और खराब स्थिति का उल्लेख था। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 5000 से अधिक विद्यालयों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय नहीं है, जबकि 8,000 से अधिक विद्यालयों में शौचालयों की स्थिति अत्यंत खराब है।







