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अतिक्रमण की चपेट में तालाब, जल संकट का खतरा
बस्तर। गांवों में तालाब पर तेजी से अतिक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। इससे जल संकट की स्थिति गहराती जा रही है। कभी हर गांव में आधा दर्जन से अधिक तालाब हुआ करते थे, लेकिन अब उनकी संख्या तेजी से घट रही है। तालाबों को पाटकर खेती कर रहे हैं, इससे जल संचयन नहीं हो पा रहा है। कई जगहों पर इसके कारण विवाद होने लगा है। सरकार की उपेक्षा के कारण खतरे में हैं तालाब। कालोनाइजर्स कब्ज़ा कर कॉलोनी बसते जा रहे हैं। इससे भूगर्भ में जल पुनर्भरण नहीं हो पा रहा है। बरसात का पानी व्यर्थ बहकर निकल जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तालाबों को संरक्षित नहीं किया गया तो आने वाले समय में गांवों में गंभीर जल संकट खड़ा हो सकता है। तालाबों के संरक्षण की मांग जोर पकड़ने लगी है।







