नक्सल प्रभावित गांव में माँ बाप ने की मजदूरी, बेटा बना एसआई

बालोद। कभी नक्सल प्रभावित रहे जिले के छोर पर बसे आदिवासी ब्लॉक डौंडी के 35 घरों वाले ग्राम पेवारी का ललित गावड़े एसआई की ट्रेनिंग कर घर लौटा तो गांव में खुशियों की लहर दौड़ गई। ललित की इस उपलब्धि से गांव ही नहीं बल्कि आसपास के लोग भी बधाई देने उसके घर पहुंचने लगे।
इस गांव में कुछ साल पहले नक्सलियों की मौजूदगी थी । उन्होंने गांव में बम भी प्लांट कर रखे थे। जिसे फोर्स ने डिफ्यूज किया है ।
गौरतलब है कि ललित गावड़े गरीब परिवार से हैं। माता-पिता ने मजदूरी कर उसको पढ़ाया है । ललित की तीन बहनें और एक भाई हैं। ललित चौथे नंबर का है। गांव में प्राथमिक तक पढ़ाई की। उसके बाद हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी तक कांकेर जिले में पढ़ाई की। जिसके बाद ललित रायपुर चले गए। आगे की पढ़ाई रायपुर में करते रहे। मजदूर माता-पिता ललित के लिए दिन-रात मजदूरी करते रहे, ताकि उनका बेटा अफसर बन सके।
एसआई ललित की मा रुपई बाई कहती हैं कि उनके बेटे की उपलब्धि से वे काफी खुश हैं। उनके बेटे ने गांव के साथ जिले का नाम भी गौरवान्वित किया है।
ललित का छोटा भाई अमर सिंह भी भाई की तरह एसआई बनना चाहता हैं। अमर ने भी एसआई के लिए फिजिकल परीक्षा पास कर ली है और आगे की तैयारी कर रहे हैं।
जिले का नाम किया रोशन : जनपद अध्यक्ष डौंडी
जनपद पंचायत अध्यक्ष डौंडी मुकेश कौड़ों ने कहा कि इस बेटे ने गरीबी में पढ़ाई कर हमारे गांव के साथ पूरे जिले का नाम रोशन किया है। हमारा पूरा गांव इस बेटे की उपलब्धि से खुश है। कभी हमारे गांव के आसपास नक्सलियों की धमक थी ।








