निस्तारी पानी का संकट गहरा रहा , तालाबों को भरने गंगरेल का पट खोलने ज्ञापन

रायपुर। गर्मी बढऩे के साथ – साथ ग्रामीण इलाकों में निस्तारी पानी का संकट गहराने लगा है। तालाब सूख चले हैं और भूगर्भीय जल स्त्रोत गिरने से ट्यूबवेलों / हेडपंपो ने पेयजल की भी समस्या खड़ी करना शुरू कर दिया है । इसके परिपेक्ष्य में महानदी मुख्य नहर पर चल रहे रेलवे क्रासिंग निर्माण कार्य को रूकवा गंगरेल का पट खोल प्राथमिकता के आधार पर तालाबों को भरने पानी देने की मांग मुख्यमंत्री विष्णु देव साय व मुख्य सचिव विकासशील को मेल से ज्ञापन भेज की गयी है । साथ ही क्षेत्रीय सांसद बृजमोहन अग्रवाल को भी ज्ञापन की प्रति भेज संसदीय क्षेत्र के ग्रामों में निस्तारी पानी की समस्या के मद्देनजर इस संबंध में अविलंब आवश्यक पहल का आग्रह किया गया है।
रायपुर जिला जल उपभोक्ता संस्था संघ के अध्यक्ष रहे भूपेन्द्र शर्मा ने प्रेषित ज्ञापन में जानकारी दी है कि बैशाख व जेठ मास में भीषण गर्मी पड़ती है और बैशाख माह शुरू होने में महज 2 दिन बाकी है। गहराते निस्तारी पानी व भूगर्भीय जल स्त्रोत के नीचे चले जाने की वजह से बढ़ रहे पेयजल की संकट के मद्देनजर अविलंब गंगरेल का पट खुलवा तालाबों को भरवाने का आग्रह किया गया है ताकि निस्तारी पानी की समस्या दूर होने के साथ – साथ भूगर्भीय जल स्त्रोत बढऩे से पेयजल की समस्या भी कमतर हो सके।
ज्ञापन में महानदी मुख्य नहर पर चल रहे रेलवे क्रासिंग निर्माण कार्य को फिलहाल रूकवा प्राथमिकता के आधार पर निस्तारी पानी दिलवाने का आग्रह किया गया है। बंगोली सिंचाई उपसंभाग के अधीन आने वाले सिंचाई पंचायतों के अध्यक्ष रहे थानसिंह साहू, गोविंद चंद्राकर, चिंताराम वर्मा, प्रहलाद चंद्राकर, मनमोहन गुप्ता, भारतेन्दु साहू, धनीराम साहू, हिरेश चंद्राकर, तुलाराम चन्द्राकार आदि ने भी तालाबों को भरने अविलंब गंगरेल से पानी देने की मांग की है ।







