ChhattisgarhPoliticsRegion

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के दौरान खुलेआम धर्मांतरण का धन्धा चलता रहा – ठाकुर

Share

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में धर्मांतरण का धन्धा छत्तीसगढ़ में भरपूर फला-फूला। भूपेश शासनकाल में धर्मांतरण कराने वाले लोगों के हौसले बुलंद थे वो खुलेआम कहते थे कि धर्मांतरण उनका अधिकार है। छत्तीसगढ़ में हर तरफ विशेषकर आदिवासी जनजातीय क्षेत्रों में कांग्रेस सरकार के संरक्षण में धर्मांतरण तेजी से बढ़ता रहा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा लाया गया धर्म स्वातंत्र्य विधेयक की अवैध धर्मांतरण को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी , अपितु साथ ही वो लोग जो जबरदस्ती , डर व लालच देकर धर्मांतरण कराते थे उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जावेगी जिससे अवैध धर्मांतरण में नकेल कसी जा सकेगी ।
ठाकुर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब 2021 में सुकमा के एसपी दिनेश शर्मा ने अपने मातहतों को धर्मांतरण के मुद्दे पर सजग रहने के लिए पत्र लिखा। दिसंबर 2021 में बस्तर कमिश्नर ने धर्मांतरण के विषय में सजग करते हुए पत्र लिखा तब कांग्रेस को छत्तीसगढ़ का सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ता नहीं नजर आया। मई 2022 को प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू अपने समाज के लोगों को धर्मांतरण से बचने की सलाह दे रहे थे तब इन्हें छत्तीसगढ़ का सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ता नही दिखा।
उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग सहित पूरे छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्र में तत्कालिक कांग्रेस सरकार ने जिस प्रकार से नारायणपुर में पास्टर, पादरी एवं अवैध धर्मांतरित लोगों ने 400-500 की संख्या में एकत्रित होकर न केवल आदिवासी समाज के लोगों पर धारदार हथियार, लाठी-डण्डा से वार किया , अपितु मौके पर पहुंची पुलिस पर भी घातक रूप से हमला किया । इस घटना के खिलाफ आदिवासी समाज द्वारा कार्रवाई करने की मांग पर तत्कालिक भूपेश सरकार की मंशा के अनुरूप आदिवासी समाज के ही मुखिया, आदिवासियों एवं सनातन धर्म को मानने वाले लोगों पर झूठे व गंभीर धाराएं लगाकर जबरन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया ।
ठाकुर ने कहा कि 2018 के बाद से 2023 तक छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का धन्धा करने वालों को तत्कालिक कांग्रेस सरकार ने पूर्ण संरक्षण दे रखा था। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस चीफ दीपक बैज से सवाल करते हुए कहा कि जब जबरन मतांतरण कर रहे उपद्रवीयों के खिलाफ कार्यवाही करनी थी तब उन्हें छोड़कर मामला उठाने वाले छत्तीसगढ़ी कार्यकर्ताओं पर ही मुकदमा कर उन्हें जेल क्यों भेज दिया था ? क्यों कांग्रेस शासनकाल में संविधान जलाने की धमकी देने वाले मिशनरी को छोड़ दिया जाता था ? क्या कांग्रेस सरकार द्वारा रासुका भी ऐसे ही पक्षपात के लिए लगाया गया था ? कांग्रेस स्पष्ट तौर पर छत्तीसगढ़ में तुष्टिकरण और धर्मांतरण के एजेंडे पर काम कर रही है साथ ही मिशनरीज को खुला समर्थन प्रदान कर रही थी। ऐसे तमाम सवालों के जवाब दीपक बैज सहित पूरी कांग्रेस को ना केवल छत्तीसगढ़ की जनता अपितु विशेष रूप से जनजातीय समाज को देने चाहिए ।

GLIBS WhatsApp Group
Show More
Back to top button