गढ़चिरौली में 11 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ लौटे मुख्यधारा में

राजनांदगांव। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में 11 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में वापसी कर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। इस दौरान नक्सल अभियान आईजी संदीप पाटिल, डीआईजी अंकित गोयल और एसपी नीलोत्पल समेत अन्य आला पुलिस अफसर मौजूद थे। इस अवसर पर पुलिस की ओर से भारतीय संविधान की प्रतियां सौंपी गई। सरेंडर नक्सलियों में डीवीसी मेंबर, एरिया कमेटी सचिव, दो कमांडर समेत कुल 11 सदस्य शामिल है।
मिली जानकारी के अनुसार 31 मार्च की डेडलाइन की वजह से महाराष्ट्र पुलिस लगातार नक्सलियों के समर्पण को लेकर विशेष अभियान चला रही है। इसी बीच पुलिस के द्वारा जारी फोन और मोबाईल नंबर से नक्सलियों ने संपर्क कर सरेंडर की इच्छा जाहिर की। पुलिस ने सभी की मुख्यधारा में वापसी के फैसले का स्वागत करते हुए समर्पण कराया।
बताया जाता है कि सभी नक्सली बस्तर के अलग-अलग जिले के रहने वाले है। इनमें डीवीसी मेंबर सोनी उर्फ बाली वत्ते, एरिया कमेटी सचिव बुदरी उर्फ रामबती, कमांडर सुखलाल बोगा, शांति उर्फ सोमरी, युमनक्का, धनु दरसू, सुनीता उर्फ वंगे, मिनको उर्फ जमनी, रमेश पांडू मंडावी व किशोर सुकैया शाामिल है। पुलिस का कहना है कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को केंद्र और राज्य सरकार के नक्सल पुर्नवास नीति का लाभ दिया जाएगा।







