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कोयला उत्पादन और सप्लाई दोनों में एसईसीएल ने बनाया नया रिकॉर्ड

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की खबर है। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने इस वित्तीय वर्ष में कोयला उत्पादन और सप्लाई दोनों में नया रिकॉर्ड बनाकर पिछला साल पीछे छोड़ दिया है। खास बात यह है कि कंपनी ने उत्पादन, ऑफटेक और ओवरबर्डन रिमूवल तीनों ही मोर्चों पर बढ़त दर्ज की है, जो इसे कोल इंडिया की अन्य कंपनियों से अलग बनाता है।
एसईसीएल ने 18 मार्च को ही पिछले पूरे साल के उत्पादन को पार कर लिया। अब तक कंपनी 167.7 मिलियन टन कोयला उत्पादन कर चुकी है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 6′ ज्यादा है। इस उपलब्धि में गेवरा माइंस का 51.7 एमटी, दीपका माइंस का 36.5 एमटी तथा कुसमुंडा माइंस का 30.7 एमटी का योगदान रहा। सिर्फ बड़े प्रोजेक्ट ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों का भी अच्छा प्रदर्शन रहा। सेंट्रल इंडिया कोलफील्ड्स से 25.6 एमटी, रायगढ़ क्षेत्र से 15.8 एमटी तथा कोरबा क्षेत्र से उत्पादन 7.2 एमटी रहा।
कंपनी ने अब तक 350 मिलियन क्यूबिक मीटर ओवरबर्डन हटाया है। इससे आने वाले महीनों में खनन और तेज होने की उम्मीद है, जिससे उत्पादन और बढ़ेगा। सिर्फ उत्पादन ही नहीं, बल्कि कोयला सप्लाई में भी एसईसीएल ने कमाल किया। 17 मार्च तक कंपनी 171.3 मिलियन टन कोयला भेज चुकी है, जो पिछले साल से 4.5 प्रतिशत ज्यादा है।
एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि कंपनी देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रही है। गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढऩे वाली है, ऐसे में कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।
मालूम हो कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में फैली एसईसीएल देश की दूसरी सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी है। यह देश के कुल कोयला उत्पादन में करीब 17-18 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है। आने वाले समय में कंपनी उत्पादन और सप्लाई दोनों को और मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है, ताकि बिजली संयंत्रों को समय पर पर्याप्त कोयला मिल सके।

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