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धमतरी और कांकेर जिलों में अवैध प्लाटिंग पर विपक्ष ने किया सदन से वॉकआउट

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रायपुर। मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान धमतरी और कांकेर जिलों में अवैध प्लाटिंग के मुद्दे पर जोरदार बहस हुई। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि अवैध प्लाटिंग और कॉलोनी निर्माण के मामलों में कार्रवाई की जा रही है, लेकिन उनके जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक अंबिका मरकाम ने मुद्दा उठाया। जवाब में मंत्री ने बताया कि धमतरी जिले में अवैध प्लाटिंग की तीन शिकायतें मिली हैं, जो तीन खसरों से जुड़ी हैं। इनमें से दो मामलों की जांच एसडीएम और एक की जांच सीएमओ द्वारा की गई है। साथ ही पंजीयक, तहसीलदार और तीन पटवारियों को नोटिस जारी किया गया है। कांकेर जिले में पांच शिकायतें 175 खसरों से संबंधित बताई गई, जिनमें से 8 की जांच पूरी हो चुकी है और 167 मामलों की जांच जारी है। मंत्री ने बताया कि यहां तीन पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है-दो को नोटिस और एक की वेतन वृद्धि रोकी गई है।
मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि अवैध प्लाटिंग के मामलों की निगरानी के लिए जिला स्तर पर कमेटियां बनाई गई हैं, जिनमें कलेक्टर, एसपी और राजस्व अधिकारी शामिल हैं। उनकी अनुशंसा पर कार्रवाई की जा रही है। विपक्ष ने इस जवाब पर कड़ी आपत्ति जताई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशभर में अवैध प्लाटिंग के कुल मामलों और कार्रवाई की जानकारी मांगी। वहीं, उच्च स्तरीय जांच की मांग भी उठी। बहस के दौरान पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने मंत्री को घेरते हुए कहा कि यदि अन्य विभाग अपनी जमीन की सुरक्षा खुद करेंगे, तो राजस्व विभाग की भूमिका क्या रह जाएगी। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने अंतत: सदन से वॉकआउट कर दिया।

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