सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रशासन की लापरवाही ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया

नर्मदापुरम जिला के माखननगर में सोमवार रात स्वास्थ्य व्यवस्था की बेहद शर्मनाक स्थिति सामने आई, जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की इमरजेंसी एंबुलेंस गंभीर घायल को रेफर करने के समय स्टार्ट नहीं हुई। ग्राम माना के पास दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में राजेश मालवीय और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुए। परिजन घायलों को निजी वाहन से 10 किलोमीटर दूर स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें नर्मदापुरम जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जब घायलों को एंबुलेंस में ले जाने की मांग की गई, तो स्टाफ ने गाड़ी खराब होने का बहाना बनाया, जिससे ग्रामीण भड़क गए और अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया। भारी दबाव के बाद भी एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हुई, अंततः ग्रामीणों ने खुद धक्का देकर गाड़ी रवाना की, लेकिन इसी दौरान राजेश मालवीय की मौत हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खराब पड़ी यह एंबुलेंस विधायक निधि से दान दी गई थी, लेकिन कभी डीजल नहीं होता और कभी बैटरी खराब रहती है। 108 एंबुलेंस के जिला प्रबंधक ने बताया कि वाहन उनके विभाग का नहीं है और इसकी देखरेख की जिम्मेदारी बीएमओ माखननगर की है, जबकि प्रशासन की इस लापरवाही ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया।







