वर्तमान डिजिटल युग में उपभोक्ताओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी और भ्रामक प्रक्रियाओं से बचना चाहिए – अग्रवाल

रायपुर। गुरुकुल महिला महाविद्यालय के वाणिज्य परिषद एवं अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा भारत में डार्क पैटर्न : प्रकार एवं उपभोक्ता निवारण प्रक्रिया विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल युग में उपभोक्ताओं को ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर होने वाली भ्रामक और अनैतिक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना तथा उनके अधिकारों की जानकारी प्रदान करना था।
वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में उपभोक्ताओं के साथ होने वाली ऑनलाइन धोखाधड़ी और भ्रामक प्रक्रियाओं से बचने के लिए जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को उपभोक्ता अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में अमित वर्मा (प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख, अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत) उपस्थित रहे। उन्होंने अपने वक्तव्य में बताया कि डार्क पैटर्न वे डिजिटल तकनीकें होती हैं जिनका उपयोग कई वेबसाइट और मोबाइल एप उपभोक्ताओं को भ्रमित करने या अनजाने में खरीदारी करवाने के लिए करते हैं। उन्होंने डार्क पैटर्न के प्रमुख प्रकारों जैसे भ्रामक विज्ञापन, छिपे हुए शुल्क, फोर्स्ड सब्सक्रिप्शन, कन्फर्म-शेमिंग, ट्रिक प्रश्न और बास्केट स्नीकिंग आदि की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के अंतर्गत उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। यदि किसी उपभोक्ता को किसी उत्पाद या सेवा से संबंधित समस्या होती है तो वह राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन, ई-दाखिल पोर्टल अथवा जिला, राज्य और राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कर सकता है।
इस अवसर पर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, रायपुर जिला के अध्यक्ष श्री आशीष अग्रवाल ने संगठन की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि यह संगठन वर्ष 1974 से देशभर में उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और जागरूकता के लिए कार्य कर रहा है।कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. रात्रि लहरी, प्राध्यापक (वाणिज्य) द्वारा किया गया। इस अवसर पर वाणिज्य परिषद की सचिव डॉ. मान्या शर्मा, डॉ. कविता सिलवाल, राहुल गोप एवं सरिता वर्मा सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।







