रामानुरागी महाराज के आरोप पर मंत्री अग्रवाल बोले- आस्था से जुड़ा विषय है, इसलिए उसके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा हूं

अंबिकापुर। प्रदेश के संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल पर कथावाचक डा. रामानुरागी महाराज द्वारा भागवत कथा कराकर 15 लाख रुपए भुगतान नहीं करने का आरोप लगाते हुए इसका वीडियो बनाकर उसने सोशल मीडिया पर वायरल किया है। रुपए नहीं देने पर उसने विधानसभा के सामने आत्मदाह के प्रयास की धमकी भी दी है। इस मामले में मंत्री राजेश अग्रवाल का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मैंने न तो कथा कराई और न ही उसके शुभारंभ और समापन में गया। इसके बाद भी दबाव बनाकर मुझसे रुपयों की मांग की जा रही है। मुझे उक्त कथावाचक के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन आस्था से जुड़ा विषय होने की वजह से कोई कार्रवाई नहीं कर रहा हूं।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि पिछले 2-3 दिन से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। कोई कथित भागवत कथाकार हैं, जिन्होंने कहा है कि मेरे द्वारा लखनपुर में कथा करवाकर पैसे नहीं दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय नमो सेवा दल नामक फर्जी संस्था के द्वारा आवेदन दिया गया था कि हमें लखनपुर में भागवत कथा करवाना है। इसके लिए संस्कृति विभाग से विभिन्न खर्चों के लिए 15 लाख रुपए की आवश्यकता है। मैंने उनसे कहा कि संस्कृति विभाग द्वारा ऐसे किसी कार्यक्रम के लिए सरकार द्वारा राशि नहीं दी जाती है लेकिन उनके आग्रह पर मैंने कहा था कि आवेदन उच्चाधिकारयों को भेज देता हूं। यदि राशि मिल जाएगी तो हो जाएगा। इसी बीच 13 मार्च को कथावाचक मेरे पास आया और कहा कि मैं वृंदावन से आया हूं। इस दौरान मैं विधानसभा के लिए निकल रहा था। मैंने बाद में बात करने के लिए कहा और निकल गया।मंत्री ने कहा कि मेरे विधानसभा निकलने के बाद कथावाचक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो डाला कि मंत्री राजेश अग्रवाल ने कथा करवाकर मुझे पैसे नहीं दिए। मैं यह बताना चाहता हूं कि उसका आवेदन विभाग द्वारा खारिज कर दिया गया था। आयोजन के लिए पैसा प्राप्त नहीं हुआ। मेरे द्वारा ऐसा कोई आयोजन नहीं कराया गया।







