ChhattisgarhRegion

आत्मसमर्पित पूर्व शीर्ष नक्सली नेता भूपति ने पुनर्वास केंद्र में मनाई होली

Share

जगदलपुर। आत्मसमर्पित नक्सली नेता भूपति, जो कभी प्रतिबंधित नक्सली संगठन की पोलित ब्यूरो व केंद्रीय समिति का सदस्य रहा और केंद्रीय वैचारिक प्रभारी के तौर पर नक्सली विचारधारा की देश भर में अगुवाई करते हुए वर्षों तक हिंसा की उस राह पर चला, जहां उत्सव की जगह जंगल की जंग थी, लेकिन आत्मसमर्पण के बाद आत्मसमर्पित नक्सली नेता भूपति इस बार बारूद की जगह रंग और गुलाल में सराबोर दिखा । छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित नक्सलियों के साथ उसने होली मनाई। इस बार उसके हाथ में हथियार नहीं, बल्कि गुलाल था। पत्नी तारक्का और अन्य पूर्व साथियों के साथ उसने रंग लगाया, गले मिला और जीवन की नई शुरुआत का संदेश दिया।
पुनर्वास केंद्र में होली का यह दृश्य बदलाव की कहानी भी कह रहा था। सुरक्षाबलों और प्रशासन के अधिकारियों ने भी इस अवसर को शांति और पुनर्वास नीति की सफलता के प्रतीक के रूप में देखा। दशकों से हिंसा की मार झेल रहे बस्तर अंचल के लिए यह तस्वीर उम्मीद जगाने वाली है। स्थानीय अधिकारियों का मानना है कि जब कभी कठोर विचारधारा का चेहरा रहे लोग मुख्यधारा में लौटकर होली त्योहार मनाते हैं, तो यह समाज के लिए सकारात्मक संकेत होता है। भूपति का यह कदम उन युवाओं के लिए भी संदेश है, जो अब भी जंगलों में भटके हुए हैं। इस होली पर रंगों ने बंदूकों को पीछे छोड़ दिया। और शायद यही वह क्षण है, जब बस्तर और गढ़चिरौली शांति और उल्लास का प्रतीक होली की ओर बढ़ते दिख रहे हैं।

GLIBS WhatsApp Group
Show More
Back to top button