ग्रामीणों से रायशुमारी के बाद होली पर्व पर अमन-चैन बनाये रखने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन

रायपुर। आसन्न होली पर्व पर ग्रामों में अमन-चैन बनाये रखने आसपास के 30-32 ग्रामों के सहयोग से लगभग 33 वर्षों पूर्व सफल शराब भट्ठी विरोधी आंदोलन करने वाले आरंग थाना क्षेत्र के ग्राम भानसोज व आंदोलन में सहभागी रहे ग्रामों के ग्रामीणों से रायशुमारी के बाद पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में थाना क्षेत्रों के ग्रामों को सेक्टरों में बांट सेक्टर मुख्यालयों से पुलिसिया गतिविधियां संचालित करने व होलिका दहन के दिन तक ग्रामीण सड़क मार्गों में रस्सी से अवरोध पैदा कर कथित रूप से नौनिहालों द्वारा राशि वसूलने की प्रवृत्ति के चलते दुर्घटना घटित होने की आंशका के मद्देनजर इस पर प्रभावी रोक लगाने का आग्रह किया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायपुर जिला ग्रामीण डा. प्रशांत शुक्ला ने प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने का निर्देश अपने अधीनस्थों को दिया है।
रायपुर जिला ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सहित डा. शुक्ला व आरंग, मंदिरहसौद व खरोरा थाना प्रभारी को बीते कल सौंपे गये ज्ञापन में आंदोलन के अगुवाई कर चुके व शराब विरोधी मुहिम में सक्रिय किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने ग्राम भानसोज व खरोरा थाना क्षेत्र के प्रमुख ग्राम खौली सहित मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम कठिया, नारा, चंदखुरी फार्म, गोढ़ी, रीवा, मंदिर हसौद, पलौद आदि को अस्थायी सेक्टर मुख्यालय बना होली पर्व तक पुलिसिया गतिविधियां संचालित करने व सघन गश्त कराने की मांग की है। साथ ही खासकर पुलिसिया रिकार्डधारी अवैध शराब विक्रेताओं व असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करने व प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के दायरे में आने वाले असामाजिक तत्वों को त्यौहार संपन्न होने ेतक जमानत न मिलने देने की व्यवस्था का आग्रह करते हुये जानकारी दी गयी है कि पूर्व में ऐसे असामाजिक तत्वों को संबंधित कार्यपालक दंडाधिकारी द्वारा त्यौहार संपन्न होने के पूर्व ही रेवड़ी की तरह जमानत बांट दिया जाता रहा है जिसके चलते ऐसे तत्वों के हौसले बुलंद रहते हैं।
ज्ञापन में नौनिहालों द्वारा सड़क मार्गों पर रस्सी से अवरोध डाल कथित रूप से राशि वसूलने व इन्हें परोक्ष रूप से असामाजिक तत्वों व ग्रामों के ही कतिपय नासमझ व्यक्तियों का संबल मिलने की जानकारी देते हुये बतलाया गया है कि नशेड़ी वाहन चालकों की वजह से गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके लिये ग्राम कोटवारों को सतत निगरानी का निर्देश देने व पंचायत प्रतिनिधियों से सकारात्मक सहयोग का आग्रह करने का भी अनुरोध किया गया है।







