ChhattisgarhRegion

एमसीबी में बिजली उपभोक्ता करीब 3 गुना, सिंचाई पंप 9 गुना बढ़े

Share

रायपुर। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में पिछले 25 वर्षों में बिजली व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। वर्ष 2000 में अविभाजित कोरिया जिले का हिस्सा रहे इस क्षेत्र में अब विद्युत उपभोक्ताओं, उपकेंद्रों, ट्रांसफार्मरों और लाइनों के नेटवर्क में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इसका सीधा लाभ कृषि, उद्योग और घरेलू उपभोक्ताओं को मिला है। वर्ष 2000 में जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 6,228 वर्ग किमी था, जो 2022 में पृथक जिला बनने के बाद 4,227 वर्ग किमी रह गया। क्षेत्रफल कम होने के बावजूद बिजली सुविधाओं का विस्तार तेजी से हुआ है।
उपभोक्ता संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी
जिले में कुल विद्युत उपभोक्ता वर्ष 2000 में 21,209 थे, जो बढ़कर 57,549 हो गए हैं। उच्च दाब (एचटी) उपभोक्ता 15 से बढ़कर 37 और निम्न दाब (एलटी) उपभोक्ता 9,505 से बढ़कर 57,549 तक पहुंच गए हैं। बीपीएल कनेक्शन 3,562 से बढ़कर 22,679 हो गए हैं, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 7,999 से बढ़कर 27,213 हो गई है।

एमसीबी में बिजली उपभोक्ता करीब 3 गुना, सिंचाई पंप 9 गुना बढ़े
कृषि क्षेत्र को मिली बड़ी राहत
सिंचाई पंप उपभोक्ताओं की संख्या 128 से बढ़कर 1,159 हो गई है, जो लगभग 9 गुना वृद्धि है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए नियमित बिजली उपलब्ध हो रही है और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिला है।
उपकेंद्र और ट्रांसफार्मर बढ़े
132/33 केवी उपकेंद्र 1 से बढ़कर 2 (चैनपुर और बहरासी) हो गए हैं। 33/11 केवी उपकेंद्र 4 से बढ़कर 13 हो गए।
पावर ट्रांसफार्मर 5 से बढ़कर 17 और वितरण ट्रांसफार्मर 276 से बढ़कर 3,018 हो गए हैं।
लाइन नेटवर्क में भी बड़ा विस्तार
उच्च दाब लाइनें 734 किमी से बढ़कर 3,718 किमी और निम्न दाब लाइनें 368 किमी से बढ़कर 3,429 किमी तक पहुंच गई हैं। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा एक जोन और 8 वितरण केंद्रों के माध्यम से जिले के सभी गांवों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान में 57 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को नियमित बिजली आपूर्ति दी जा रही है। बिजली अधोसंरचना के इस विस्तार ने जिले में विकास की रफ्तार को तेज किया है। कृषि, लघु उद्योग और घरेलू सुविधाओं में सुधार के साथ एमसीबी जिले में बिजली अब विकास की मजबूत धुरी बन गई है।

GLIBS WhatsApp Group
Show More
Back to top button