कांग्रेस संगठन में बदलाव बड़े जिलों में 55 और छोटे जिलों में 35 सदस्य होंगे

मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में टेंशन बढ़ गई है। राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सभी राज्यों और जिला अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि जिला कार्यकारिणी अब छोटी बनाई जाए और अधिक संख्या में सदस्यों की नियुक्ति पर रोक रहे। नए नियमों के अनुसार बड़े जिलों में 55 और छोटे जिलों में 35 सदस्य बनाए जाएंगे। यह निर्णय एआईसीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति में हुई बैठक में लिया गया। केसी वेणुगोपाल ने जिलों को 15 दिन के भीतर नई कार्यकारिणी बनाने का भी निर्देश दिया है। मध्य प्रदेश में अलग-अलग गुटों को साधने के लिए जम्बो कार्यकारिणी की परंपरा रही है। 30 जनवरी को जारी तीन जिलों की कार्यकारिणी में इस नई गाइडलाइन से अधिक पदाधिकारी बनाए गए हैं। छिंदवाड़ा में 240, सागर में 150 से अधिक और मऊगंज में 40 पदाधिकारी बनाए गए, जबकि भोपाल शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में क्रमशः 106 और 85 सदस्य सूचीबद्ध हैं। इस कारण कांग्रेस संगठन के राष्ट्रीय स्तर के नए निर्देशों से असमंजस्य की स्थिति उत्पन्न हो गई है।







