भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला: गिरफ्तार 3 लोकसेवकों के विरुद्ध प्रथम पूरक चालान पेश

रायपुर। ईओडब्ल्यू ने भारत माला परियोजना मुआवजा घोटाले का पहला पूरक चार्जशीट दाखिल कर दिया है। ब्यूरो में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 30/2025 में धारा 7 सी, 12 भ्र.नि.अ. 1988 (संशोधित 2018) एवं धारा 409, 467, 471, 420, 120-बी भादवि के तहत प्रकरण दर्ज है। दिनेश पटेल, लेखराम देवांगन एवं बसंती घृतलहरे को 29.10.2025 को गिरफ्तार किया गया था; इनके विरुद्ध 24.01.2026 को माननीय विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.), रायपुर में प्रथम पूरक चालान प्रस्तुत किया जा रहा है। तीनों आरोपियों से संबंधित प्रकरणों में शासन को कुल 139,65,89,257/- (लगभग ?40 करोड़) की आर्थिक क्षति प्रथम दृष्ट्या परिलक्षित है; प्रकरण में अन्य आरोपियों के विरुद्ध विवेचना सतत जारी है।
ब्यूरो में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 30/2025 अंतर्गत धारा 7 सी, 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (यथासंशोधित 2018) एवं धारा 409, 467, 471, 420, 120-बी भादवि में लोकसेवकगण, मुआवजा प्राप्त करने वाले व्यक्ति एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा आपराधिक षड्यंत्र कर भारतमाला परियोजना रायपुर-विशाखापट्टनम प्रस्तावित इकोनॉमिक कॉरिडोर के भू-अर्जन प्रकरण में शासन द्वारा अर्जित भूमि को पुन: शासन को विक्रय कर मुआवजा देने, निजी भूमि के गलत मुआवजा देने, बैकडेट में बटवारा एवं नामांतरण करने, भूमि स्वामी के बदले किसी अन्य को मुआवजा देने तथा निजी भूमि के गलत मुआवजा एवं उसके टुकड़े कर उपखंडों में विभाजित कर शासन को हानि कारित करने के आरोप हैं।
विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि दिनेश पटेल (तत्कालीन पटवारी, हल्का नं. 49, ग्राम नायकबांधा), लेखराम देवांगन (तत्कालीन पटवारी, ग्राम टोकरो, हल्का नं. 24) एवं बसंती घृतलहरे (तत्कालीन पटवारी, ग्राम भेलवाडीह) द्वारा लोकसेवक पद पर रहते हुए पद का दुरुपयोग कर भूमाफियों/प्राइवेट व्यक्तियों से षड्यंत्र कर भारतमाला परियोजना में प्रभावित होने वाली भूमि के भूमि स्वामियों का बैकडेट में खाता विभाजन (बटवारा) एवं नामांतरण का कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में दिनांक 29.10.2025 को गिरफ्तार किया गया था।







