जल जीवन मिशन में बजट के बावजूद 8 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक पानी नहीं पहुंचना, सरकार की विफलता – आप

रायपुर। आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ योजना के तहत हर घर तक नल से जल पहुंचाने का दावा प्रशासनिक उदासीनता और लचर व्यवस्था की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। विभाग के पास पर्याप्त वित्तीय राशि उपलब्ध होने के बावजूद धरातल पर काम की रफ्तार बेहद धीमी है, जिसके कारण राज्य के 8 लाख से अधिक ग्रामीण घरों तक आज भी पीने का साफ पानी नहीं पहुंच सका है।
उत्तम जायसवाल ने बताया कि योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत है। अभी विभाग के पास 4710 करोड़ राशि होने के बावजूद 8 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है।अधिकारियों की लापरवाही, ठेकेदारों की ढीली कार्यशैली और लचर मॉनिटरिंग के कारण पाइपलाइन बिछाने और जलापूर्ति शुरू करने का काम अधर में लटका हुआ है। कई क्षेत्रों में पाइप डाल दिए गए हैं, लेकिन उन्हें मुख्य जलस्रोत से नहीं जोड़ा गया है, जिससे सरकारी पैसा पानी की तरह बहने के बाद भी जनता प्यासी है।
उन्होंने बताया कि मिशन के पास पर्याप्त फंड मौजूद है, लेकिन प्रशासनिक तालमेल की कमी के चलते राशि का सही समय पर उपयोग नहीं हो पा रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों में 8 लाख से अधिक परिवारों को इस भीषण गर्मी और दैनिक जरूरतों के लिए आज भी पारंपरिक जल स्रोतों या टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कागजों पर योजना की प्रगति बेहतर दिखाई जा रही है, जबकि हकीकत में ग्रामीण इलाकों में नल सूखे पड़े हैं।
आम आदमी पार्टी ने सरकार और संबंधित उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस लचर व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाय और दोषी अधिकारियों एवं काम में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि तय समय सीमा के भीतर इन 8 लाख से अधिक घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सके। पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता पर इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त से बाहर है और यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो आम आदमी पार्टी द्वारा ग्रामीण जनता के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।






