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19 प्रशिक्षु उपनिरीक्षक और 2 सूबेदार 10 महीने के व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए जांजगीर-चांपा में पदस्थ

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जांजगीर-चांपा। राज्य पुलिस अकादमी रायपुर से बुनियादी प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद 19 प्रशिक्षु उपनिरीक्षक और 2 प्रशिक्षु सूबेदारों को 10 महीने के व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए जांजगीर-चांपा जिले में पदस्थ किया गया है। प्रशिक्षु अधिकारियों की तैनाती से जिला पुलिस बल को नई ऊर्जा और अतिरिक्त कार्यक्षमता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें जिला पुलिस की कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था संधारण और पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। बैठक के दौरान एसपी ने कहा, पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी आम नागरिकों को न्याय दिलाना और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करना है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को अपराध विवेचना, मर्ग जांच, शिकायत एवं आवेदन जांच की प्रक्रिया को गंभीरता और निष्पक्षता के साथ संपादित करने के निर्देश दिए। साथ ही फरियादियों और आवेदकों के साथ सम्मानजनक, सौहार्दपूर्ण और मानवीय व्यवहार बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
प्रशिक्षु अधिकारियों को जिले के विभिन्न थाना और चौकियों में पदस्थ किया गया है, जहां उन्हें अपराध विवेचना, मर्ग जांच, शिकायत जांच और कानून-व्यवस्था ड्यूटी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा प्रधान आरक्षक मोहर्रिर कार्य, प्रधान आरक्षक गस्ती, रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग, सीसीटीएनएस संचालन, संत्री ड्यूटी, मददगार कार्य, मुलजिम पेशी, न्यायालयीन कार्यवाही और बीट आरक्षक की जिम्मेदारियों की भी व्यावहारिक जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों और अनुभवी पुलिसकर्मियों द्वारा दी जाएगी।
जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण के तहत तीन प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को सिटी कोतवाली में पदस्थ किया गया है। यहां उन्हें थाने की कार्यप्रणाली, अपराध विवेचना, शिकायतों की जांच, मर्ग जांच, कानून-व्यवस्था ड्यूटी, रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग और सीसीटीएनएस संचालन की बारीकियां सिखाई जाएंगी। सिटी कोतवाली जैसे व्यस्त थाने में प्रशिक्षण मिलने से उन्हें जमीनी पुलिसिंग और वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा।

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