हिंसक वन्य प्राणी ने गाय का किया शिकार, बाघ या तेंदुआ जांच कर रही वन विभाग

जगदलपुर। बस्तर जिले के जगदलपुर मुख्यालय से 20 किमी. दूर ग्राम पंचायत कैका-चेरबहार क्षेत्र में एक हिंसक वन्य प्राणी ने गाय का शिकार किया है। कुछ लोगों का कहना है कि, गांव में बाघ ने दस्तक दी थी, तो वहीं कुछ का कहना है कि तेंदुआ ने शिकार किया है। हालांकि, ये बाघ है या फिर तेंदुआ फिलहाल स्पष्ट नहीं है। क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वन विभाग का कहना है कि पंजे के निशान के आधार पर जांच की जा रही है। जानकारों के अनुसार बस्तर का यह क्षेत्र इंद्रावती टाइगर रिजर्व और ओडिशा के वन क्षेत्रों से जुड़ा वन्यजीव कॉरिडोर है। ऐसे में बड़े वन्यजीवों की आवाजाही की संभावना बनी रहती है। गाय का शिकार और उसे घसीटने का तरीका बाघ की गतिविधि से मेल खाता है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष वन विभाग की जांच और कैमरा ट्रैप की तस्वीरों के बाद ही सामने आएगा।
कैका-चेरबहार क्षेत्र में एक हिंसक वन्यजीव ने गांव के करीब पहुंच गाय का शिकार किया। मामला भूमकाल सिरहा के घर के पास का है। जब ग्रामीण वहां पहुंचे तो गाय मृत अवस्था में मिली और उसके शव को घसीटकर खेतों की ओर ले जाने के निशान भी दिखाई दिए। ग्रामीणों का दावा है कि इलाके में पहले भी बाघ की आमद की चर्चाएं होती रही हैं। उनका कहना है कि रात करीब 9 बजे गांव के पास स्थित खेत में अचानक गाय के रंभाने की आवाज सुनाई दी। कुछ देर बाद आवाज बंद हो गई। सुबह तलाश करने पर गाय का शव मिला, जिसे हिंसक वन्यजीव खेत की ओर घसीटकर ले गया था। घटनास्थल पर वन विभाग को बड़े आकार के पंजों के कई निशान मिले हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ये निशान किसी बड़े बाघ के हो सकते हैं। हालांकि वन विभाग के अधिकारी अभी इसे लेकर कोई अंतिम पुष्टि नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि निशानों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शिकार का तरीका और मौके पर मिले साक्ष्य किसी बड़े हिंसक वन्यजीव की ओर इशारा करते हैं, लेकिन यह बाघ है या तेंदुआ, इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। विभाग ने इलाके में कैमरा ट्रैप लगाने और आसपास के जंगलों की निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही ग्रामीणों से रात के समय जंगल और खेतों की ओर अकेले नहीं जाने की अपील की गई है।







