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सोरम के उमाकांत ने धान बेचकर मजबूत की आर्थिक स्थिति

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रायपुर। राज्य सरकार की सुव्यवस्थित और पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था किसानों के लिए आर्थिक संबल बन रही है। धमतरी जिले के ग्राम सोरम निवासी किसान उमाकांत साहू इसकी जीवंत मिसाल हैं। इस खरीदी सत्र में उन्होंने सोरम सहकारी समिति के माध्यम से अपनी सवा दो एकड़ भूमि में उपजाए गए 46 क्विंटल 40 किलो धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया।
किसान उमाकांत साहू ने बताया कि धान खरीदी केंद्र में पंजीयन, तौल और भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह सुचारु एवं पारदर्शी रही। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई व्यवस्थाओं के कारण उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि पहले की अपेक्षा अब धान बिक्री की प्रक्रिया कहीं अधिक सरल, तेज और भरोसेमंद हो गई है।
धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपनी खेती को और उन्नत बनाने में करेंगे। इसमें उन्नत बीजों की खरीद, खाद-उर्वरकों की व्यवस्था, आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग तथा पुराने कृषि ऋणों की अदायगी शामिल है। उमाकांत साहू के अनुसार समय पर उचित मूल्य मिलने से किसान आत्मनिर्भर बनता है और भविष्य की खेती की बेहतर योजना बना पाता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों का वास्तविक लाभ अब सीधे किसानों तक पहुँच रहा है। धान खरीदी केंद्रों में पारदर्शिता, समयबद्ध भुगतान और कर्मचारियों के सहयोगात्मक व्यवहार से किसानों का विश्वास मजबूत हुआ है। इससे किसान नई तकनीकों को अपनाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
किसान उमाकांत साहू ने बेहतर धान खरीदी व्यवस्था के लिए राज्य सरकार तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में उठाए गए ये कदम न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रहे हैं, बल्कि छोटे और मध्यम किसानों को भी आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने का अवसर दे रहे हैं। सफलता की यह कहानी दर्शाती है कि सही नीतियाँ और प्रभावी क्रियान्वयन किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं और उन्हें विकास का सशक्त भागीदार बना सकते है।

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