चीतल का शिकार करने वाले दो गिरफ्तार
पेंड्रा । पेंड्रा क्षेत्र में चीतल का शिकार करने वाले दो लोगों को वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में कुछ अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। मरवाही वनमंडल के पेंड्रा वन परिक्षेत्र के अमारु बीट में वन विभाग को चीतल का शव संदिग्ध अवस्था में मिला था। जांच में शिकार की पुष्टि हुई। वन विभाग ने एक आरोपी तुलाराम गोंड पिता शिवलाल गोंड 50 को सोमवार को ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मुख्य आरोपी रेनसिंह पिता कल्याण सिंह गोंड 45 को मंगलवार को पकड़ने में सफलता मिली है। वन विभाग को मिली सूचना के आधार पर विशेष टीम ने क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया। जहां अमार बीट पहुंची टीम को एक चीतल का शव मिला, जिसके शरीर के कुछ अंग गायब थे। वहीं शिकार कर मांस निकाला गया।
विशेष टीम ने फॉरेस्ट डॉग स्क्वॉड की मदद ली। वन कर्मियों को देखकर शिकारियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने एक आरोपी तुलाराम पिता शिवलाल गोंड को पकड़ा। घटनास्थल से चीतल के शिकार से जुड़े कई सबूत और अवशेष बरामद किए है। वन विभाग ने आरोपी के कब्जे से शिकार से जुड़े अवशेष और लकड़ी के उपकरण बरामद किए हैं।
वन अधिकारियों ने बताया कि वन्यजीवों के अवैध शिकार के मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चीतल का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार किया गया है। इस मामले में दो तीन नहीं बल्कि और अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है।
मुख्य आरोपी रेनसिंह के पास से बांस के बिरहा से चीतल का सिंग बरामद किया गया है। तुलाराम गोंड से घर के पास रखे गोबर खाद से चीतल का सिंग बरामद किया गया है। इस कार्रवाई में डिप्टी रेंजर प्रकाश कुमार बंजारे, डिप्टी रेंजर भानु प्रसाद यादव, विष्णु जायसवाल, संजय पैकरा और लाल बहादुर कौशिक ने अहम भूमिका निभाई।







