भारत को आर्थिक शक्ति बनाने के लिए नवाचार व तकनीकी आधारित शिक्षादेना जरूरी : चौधरी

रायपुर। महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय रायपुर तथा छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आज आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि भारत को विकसित देश बनाने के लिए भविष्य में तकनीकी और नवाचार आधारित शिक्षा तथा नए स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने की जरूरत है।
सेमिनार के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए श्री चौधरी ने कहा टिकाऊ विकास के लिए हमे नवाचार को हर स्तर पर लागू करना होगा और प्रोत्साहित भी करना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरे देश के लिए क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि श्री मोदी ने इसके लिए एक निश्चित योजना बनाकर कार्य शुरू कर दिया है। श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में श्री मोदी ने ऐसे निर्णय भी लिए हैं जो जनता को भले ही अच्छे नहीं लगते पर उनके लिए अच्छे होते हैं। डेढ़ लाख करोड़ की लागत से कच्छ के रेगिस्तान में शुरू किया गया सौर ऊर्जा संयंत्र इसी का एक उदाहरण है। उन्होंने बताया कि यूपीए के कार्यकाल में सरकारी विमान कंपनी एयर इंडिया का नुकसान बीस करोड़ रुपये हर महीने हो रहा था। इसी वजह से श्री मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही इसे निजी हाथों में सौंपने का फैसला किया। श्री चौधरी ने कहा कि यूपीए के दस वर्ष के कार्यकाल में भारत 11वें नंबर पर ही बना रहा। आज श्री मोदी के कार्यकाल में भारत 11वें से चौथे नंबर पर आ गया है।
उन्होंने कहा कि आज जो भी देश विकसित अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहे है, वे नवाचार और तकनीकी को साथ लेकर चल रहे हैं। उन्होंने इसके लिए चीन, रूस और अमेरिका का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बयाया कि पिछले 2000 साल में से पहले 1700 साल तक भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था रहा। लेकिन 300 साल की गुलामी के दौरान भारत लगातार पिछड़ता गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अब भारत को फिर से आगे बढाने के प्रयास हो रहे हैं। श्री चौधरी ने कहा कि आज केम्ब्रिज और हावर्ड जैसे बड़े विश्वविद्यालय की बात होती है, जबकि भारत में नालंदा और तक्षशिला जैसे बड़े संस्थान इनसे भी ज्यादा प्रभावशाली रहे। उन्होंने एलन मस्क और बिल गेट्स का उदाहरण देते हुए कहा कि तकनीकी ने इन दोनों को दुनिया का सबसे ताकतवर व्यक्ति बना दिया है। उन्होंने कहा कि एपल का फोन पूरी दुनिया में उपयोग होता है, उसका टर्न ओवर, भारत के कुल जीडीपी से भी अधिक है।
इससे पहले सेमिनार के उद्घाटन सत्र में प्राचार्य डॉ देवाशीष मुखर्जी ने स्वागत भाषण दिया, वहीं आईक्यूएसी के प्रमुख डॉ प्रेम चंद्राकर ने सेमिनार के विषय पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में शिक्षा प्रचारक समिति के अध्यक्ष अजय तिवारी, सचिव अनिल तिवारी, उपाध्यक्ष आर के गुप्ता, रांची विश्व विद्यालय से आमंत्रित पुष्कर नाथ, दुर्ग विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति डॉ अरुणा पलटा, रवींद्र ब्रमहे, निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के पूर्व अध्यक्ष अंजनी शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार राम अवतार तिवारी, दुर्गा महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ एस एस खनूजा, विप्र महाविद्याय के प्राचार्य डॉ मेघेश तिवारी, पेलोटी कालेज के प्रो प्रदीप दुबे सहित अन्य विशेषज्ञ उपस्थित थे।







