बस्तर में हज़ारों आदिवासियों और पुलिस कर्मियों की हुई हत्या
रायपुर।.दिल्ली से रायपुर लौटे नक्सल पीड़ितों ने सांसदों से उपराष्ट्रपति पद के विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को समर्थन ननहीं देने की अपील की है। बस्तर शांति समिति के सदस्य जयराम दास ने बताया कि पिछले 4 दशक में हजारों आदिवासी और पुलिसकर्मियों की हत्या हुई है। जब बस्तर के लोगों ने नक्सलवाद के खिलाफ सलवा जुडूम शुरू किया, तो कुछ लोगों ने उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया। नक्सल पीड़ितों ने कहा कि बुद्धजीवीयों के आवेदन पर बी. सुदर्शन रेड्डी ने 2011 में सलवा जुडूम आंदोलन को बैन कर दिया। उन्होंने उपराष्ट्रपति पद के विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को समर्थन न करने की अपील की। .
इस दौरान नक्सल हिंसा के शिकार हुए कांकेर के सियाराम रामटेके ने अपनी आप बीती बताई। कोंडागांव के एक अन्य पीड़ित ने कहा कि 2014 में जब वे अपने भाई के साथ बाजार गए थे, तभी नक्सलियों ने उन पर गोलीबारी कर दी। गोली लगने से वे घायल हो गए, जबकि उनके भाई को पकड़कर नक्सलियों ने निर्मम हत्या कर दी। उनका कहना है कि बस्तर छत्तीसगढ़ की आत्मा है और वहां की जनता शांति चाहती है।
